अमझेरा में कानून बेबस: 20 मिनट तक व्यापारी को पीटते रहे बदमाश, 5 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ

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अमझेरा में कानून बेबस: 20 मिनट तक व्यापारी को पीटते रहे बदमाश, 5 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ

अमझेरा से गोपाल खंडेलवाल की रिपोर्ट

अमझेरा (धार): मध्य प्रदेश के धार जिले के अमझेरा में कानून व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में है। नगर के सबसे व्यस्त इलाके अंबिका चौराहा से सदर बाजार तक दिनदहाड़े गुंडागर्दी का ऐसा नजारा सामने आया, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हैरानी की बात यह है कि घटना को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस उनके पास तक नहीं पहुंच पाई है।

*20 मिनट तक चलता रहा उत्पात, सड़कों पर पिटता रहा व्यापारी*

स्थानीय व्यापारी अंश शर्मा के साथ बदमाशों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि करीब 20 मिनट तक सड़कों पर खुलेआम उत्पात मचाया।

इस दौरान बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, लेकिन पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी।

“कैमरे में कैद वारदात, फिर भी कार्रवाई शून्य”

पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज भी पुलिस को शुरुआती समय में ही मिल गया था।

इसके बावजूद अब तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

*” गांव में गुस्सा, गिरफ्तारी की मांग तेज”*

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और लोग खुलकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।सबसे व्यस्त बाजार में वारदात, फिर भी सन्नाटा

जिस जगह यह घटना हुई, वह अमझेरा का सबसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र है, जहां दिनभर भारी भीड़ रहती है।

इसके बावजूद न तो तत्काल पुलिस कार्रवाई दिखी और न ही बाद में कोई सख्त कदम उठाया गया।

“व्यापारी संघ की चुप्पी ”

इतनी गंभीर घटना के बाद भी स्थानीय व्यापारी संघ की ओर से कोई ठोस विरोध या बयान सामने नहीं आया है।

“जनप्रतिनिधि भी खामोश”

घटना के बाद से क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी पूरी तरह मौन हैं।जो नेता हर छोटे मुद्दे पर सक्रिय रहते थे, उनकी चुप्पी अब जनता को खटक रही है। जबकि घटना मुख्य बाजार में हुई लेकिन अब तक कोई जनप्रतिनिधि सामने नहीं आए। क्या अमझेरा में कानून का खौफ खत्म हो गया है?

CCTV सबूत होने के बावजूद आरोपी क्यों नहीं पकड़े जा रहे?क्या पुलिस की ढिलाई से बदमाशों के हौसले बुलंद हो रहे हैं?अमझेरा में यह घटना सिर्फ एक मारपीट नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था की कमजोर पड़ती पकड़ का संकेत है। पुलिस की सुस्ती और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आक्रोश कभी भी बड़े विरोध में बदल सकता है।

*इनका कहना है :*

” तीन युवकों का पता लग चुका हे अभी सी एम कार्यक्रम में लगा हु शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी”

राजू मकवाना

टी आई अमझेरा