WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home न्यूज़ प्रादेशिक

बकरियां खेत में घुस जाने की मामूली सी बात को लेकर हत्‍या करने वाले मां-बेटे को आजीवन कारावास

रतलाम से रमेश सोनी की रिपोर्ट

Ratlam MP: न्‍यायालय अरूण कुमार खरादी ने 28.दिसम्बर.2021 को अभियुक्त परमेश पिता नंदु उम्र 28 वर्ष एवं चुमरीबाई उर्फ गीताबाई पति नंदु उम्र 55 वर्ष दोनो निवासी ग्राम कुंआझागर थाना बिलपांक को धारा 302/34 भादवि में आजीवन कारावास एवं 3-3 हजार रूपए अर्थदंड से दंडित किया गया।

अभियोजन मीडिया प्रभारी शिव मनावरे ने बताया कि 25.अक्टोबर.2012 को फरियादीया ममता पति राधेश्‍याम व उसका ससुर नानालाल दोनों निवासी कुआझागर दोपहर में अपने खेत में से मक्‍का निकाल रहे थे।उसी समय आरोपी चुमरी बाई की बकरीयां उसके खेत में लगी मक्‍का की फसल खाने लगी तो उन्‍होंने बकरीयों को भगाया।

तभी दोनों आरोपी चुमरी बाई और उसका लडका परमेश आए और मां-बहन की अश्‍लील गालिया देते हुए अंधाधुंध पत्‍थर फेंक कर मारने लगे।उसके बाद आरोपी परमेश ने जान से मारने की नीयत से नानालाल के सिर में लठ्ठ से मारा।आरोपीयों द्वारा मारपीट करने पर नानालाल के सिर में,दोनों हाथों में,कमर व कोहनी में चोटे आई थी।उसी समय नानालाल को सरकारी अस्‍पताल इलाज के लिए ले गए जहां प्राथमिक उपचार उपरांत गंभीर चोट होने के कारण उसे अगले दिन इंदौर रेफर कर दिया था।

सरकारी अस्‍पताल रतलाम में पुलिस के पंहुचने पर नानालाल की बहू ममता ने पुलिस को 26.अक्टोबर.2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।नानालाल की इंदौर एमवायएच हॉस्‍पीटल में उसके सिर में लगी गंभीर चोट के कारण 30.अक्टोबर.2012 को मौत हो गई।पुलिस द्वारा मामले में हत्‍या की धारा 302 भादवि का इजाफा कर दोनों आरोपीयों को 01.नवम्बर.2012 को गिरफ्तार कर अभियोग पत्र न्‍यायालय में 27.दिसम्बर.2012 को प्रस्तुत किया।

जहां न्‍यायालय ने 28.दिसम्बर.2021 को अभियोजन की और से साक्ष्‍य को प्रमाणित मानते हुए आरोपीयों को हत्‍या करने के आरोप में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। मामले की पैरवी अपर लोक अभियोजक तरुण शर्मा ने की।