
कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रिश्वत लेते सब इंजीनियर लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा
खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में ग्राम पंचायत के निर्माण कार्य का मूल्यांकन कर कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में जनपद पंचायत महेश्वर में पदस्थ एक संविदा उपयंत्री को आज लोकायुक्त पुलिस ने 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

लोकायुक्त पुलिस इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने बताया कि आरोपी मनोज सावले (42), संविदा उप यंत्री, जनपद पंचायत महेश्वर को 4000 रु की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है.
शिकायतकर्ता मंगन सिंह मकवाने, ग्राम पंचायत कांकरिया के सचिव हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत क्षेत्र में कूप जाली निर्माण कार्य कराया था, जिसके मूल्यांकन और कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आरोपी उपयंत्री ने 14,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी पहले ही दबाव बनाकर 4,000 रुपये ऑनलाइन (यूपीआई) माध्यम से ले चुका था और शेष राशि की मांग कर रहा था। इसकी शिकायत इंदौर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की गई।
लोकायुक्त द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप दल का गठन किया गया।
लोकायुक्त अधिकारियों ने शुक्रवार को जनपद पंचायत महेश्वर स्थित आरोपी के कार्यालय कक्ष में कार्रवाई करते हुए उसे शिकायतकर्ता से 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान के तहत यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त और उप पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर की गई।





