
London Reverberated with Slogans of Maharana Pratap : लंदन में गूंजा महाराणा प्रताप का जयघोष, मप्र. के खंडवा निवासी आनंद तोमर सम्मानित!
Ratlam/Khndwa : ब्रिटेन की धरती पर इस बार महाराणा प्रताप जयंती केवल स्मरण नहीं, उत्सव बन गई। लंदन के साउथहॉल में 17 जून 2026 को आयोजित भव्य समारोह में रतलाम के पूर्व थाना प्रभारी (स्टेशन रोड, माणकचौक) और वर्तमान में खंडवा निवासी आनंद तोमर को भारतीय संस्कृति के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस गरीमामय समारोह का आयोजन ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ राजपूत्स एवं महाराणा प्रताप फाउंडेशन (यूके) के संयुक्त तत्वावधान में शाम 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक हुआ। हॉल में राजस्थान की पारंपरिक पगड़ियों, केसरिया ध्वज और ‘जय मेवाड़’ के उद्घोष के बीच प्रवासी भारतीयों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला।

महाराणा प्रताप के शौर्य पर केंद्रित कार्यक्रम!
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्पांजलि से हुई। वक्ताओं ने उनके अदम्य साहस, हल्दीघाटी के संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को आज के युवाओं के लिए प्रासंगिक बताया। आयोजकों ने कहा कि विदेश में बसे भारतीयों के लिए ऐसे आयोजन केवल इतिहास दोहराना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम हैं। इस दौरान राजस्थानी लोक गीत, चेतक की गाथा पर आधारित लघु नाटिका और बच्चों द्वारा प्रस्तुत कविता पाठ ने माहौल को भावनात्मक बना दिया।
आनंद तोमर को मिला ‘सांस्कृतिक सेतु सम्मान!
इसी मंच पर श्री आनंद तोमर को स्मृति-चिन्ह, शॉल और प्रशस्ति-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
आयोजकों के अनुसार, यह सम्मान उन्हें 2 कारणों से दिया गया! पुलिस सेवा के दौरान रतलाम स्टेशन रोड क्षेत्र में जन-सहभागिता से कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता के लिए किए गए कार्य साथ ही सेवा निवृत्ति के बाद भी खंडवा और मालवा-निमाड़ अंचल में भारतीय मूल्यों, इतिहास और युवा जागरूकता के कार्यक्रमों में निरंतर भागीदारी।

सम्मान ग्रहण करते हुए तोमर ने कहा, “यह सम्मान मेरा नहीं, उस मिट्टी का है जहां से मैं आया हुं। महाराणा प्रताप का नाम केवल इतिहास नहीं, चरित्र है। यदि सात समंदर पार भी यह चरित्र याद किया जा रहा है, तो हम सबका दायित्व है कि इसे अपने आचरण में जिएं।”
रतलाम-खंडवा में हर्ष!
खबर मिलते ही रतलाम और खंडवा में शुभचिंतकों ने बधाई संदेशों का तांता लगा दिया। रतलाम के वरिष्ठ समाजसेवी तरनी प्रकाश व्यास ने कहा, “आनंद तोमर जी का यह सम्मान युवाओं के लिए प्रेरणा है। पुलिस की वर्दी में अनुशासन और वर्दी के बाद समाज सेवा, दोनों में उन्होंने उदाहरण प्रस्तुत किया है। लंदन जैसे वैश्विक मंच पर मालवा का नाम गूंजना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।” परिजनों के अनुसार श्री तोमर पिछले कई वर्षों से प्रवासी भारतीय समुदाय के संपर्क में रहे हैं और यूके में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मार्गदर्शन देते रहे हैं।
कौन हैं आनंद तोमर?
मूल रूप से निमाड़ अंचल से जुड़े, रतलाम में स्टेशन रोड़ तथा माणकचौक थाना थाना प्रभारी के रूप में लंबी सेवाएं दीं। सेवा काल में सामुदायिक पुलिसिंग और युवा संवाद कार्यक्रमों के लिए पहचाने गए। वर्तमान में खंडवा में सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय!





