शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति का बड़ा खुलासा, जाली दस्तावेजों पर नौकरी कर रहे 4 कर्मचारी बर्खास्त, FIR दर्ज

40

शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति का बड़ा खुलासा, जाली दस्तावेजों पर नौकरी कर रहे 4 कर्मचारी बर्खास्त, FIR दर्ज

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में शिक्षा विभाग ने एक बड़ी प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उन चार कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल की थी।जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) लालजी द्विवेदी ने लंबी जांच के बाद न केवल इन कर्मचारियों को पद से हटाया है, बल्कि इनके खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना जैसी गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला भी दर्ज कराया है। इस खुलासे के बाद से जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में टीकमचंद साहू, फगेंद्र सिंहा, रजिया अहमद और अजहर अहमद शामिल हैं, जो वर्ष 2021-22 से जिले के विभिन्न स्कूलों और कार्यालयों में सहायक ग्रेड-3 तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे।जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। पता चला कि इन नियुक्तियों के लिए सितंबर 2021 में राज्य शिक्षा आयोग के तत्कालीन सचिव डॉ. ओपी मिश्रा के नाम से एक फर्जी आदेश तैयार किया गया था।

विभाग ने जब इस आदेश की गहराई से पड़ताल की और आयोग से आधिकारिक सत्यापन कराया, तो मालूम हुआ कि जिस पत्र क्रमांक का उपयोग नियुक्ति के लिए किया गया था, वह वास्तव में बैंक ऑफ बड़ौदा की एक शाखा को भेजा गया एक सामान्य पत्राचार था।

इसके अलावा, नियुक्ति पत्रों पर किए गए सचिव के हस्ताक्षर भी विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे। यह पूरी साजिश इतनी शातिर तरीके से रची गई थी कि इन कर्मचारियों ने विभाग को झांसा देकर अपनी पदस्थापना भी करा ली थी।ये कर्मचारी न केवल स्कूलों में, बल्कि महत्वपूर्ण प्रशासनिक शाखाओं में भी अपनी पैठ बना चुके थे। रजिया अहमद कलेक्टोरेट की डीएमएफ शाखा और अजहर अहमद अभियोजन शाखा में अटैच थे, जबकि टीकमचंद साहू और फगेंद्र सिंहा डीईओ कार्यालय में काम कर रहे थे।

अगस्त 2025 में जब इनके दस्तावेजों पर संदेह हुआ और विभाग ने कड़ाई दिखाई, तो चारों ने अलग-अलग बहाने बनाकर लंबी छुट्टी ले ली थी, लेकिन वे अपनी बेगुनाही का कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सके।

राज्य शिक्षा आयोग से फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद, डीईओ ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के कड़े प्रावधानों के तहत इनकी तत्काल बर्खास्तगी का आदेश जारी किया।

पुलिस ने शिक्षा विभाग की शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (दस्तावेजों की कूटरचना) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। जिला शिक्षा अधिकारी लालजी द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि शासकीय सेवा में इस तरह की राज्य शिक्षा आयोग से फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद, डीईओ ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के कड़े प्रावधानों के तहत इनकी तत्काल बर्खास्तगी का आदेश जारी किया।