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मन्दसौर जिला अस्पताल पैथोलॉजी लैब NABL सर्टिफाइड: मिलेगी सभी तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर की जांच सुविधाएं

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मन्दसौर जिला अस्पताल पैथोलॉजी लैब NABL सर्टिफाइड: मिलेगी सभी तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर की जांच सुविधाएं

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट

मन्दसौर। इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय मंदसौर अस्पताल की पैथोलॉजी लैब को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड केलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) की मान्यता प्राप्त हुई है। इस मान्यता के बाद अब मरीजों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जांच सुविधाएं मिलेंगी। लैब में 106 प्रकार की पैथोलॉजी जांचें उपलब्ध होंगी। हर महीने 50,000 से ज्यादा जांचें की जा सकेंगी।

सिविल सर्जन डॉ डी के शर्मा, डॉ सौरभ मंडवारिया एवं हॉस्पिटल पैथोलॉजी लेब से जुड़े टेक्नीशियन ने इस प्रमाणीकरण को अंचल ओर जिले के लिये उपयोगी और सार्थक बताया है। आपके अनुसार अब मंदसौर में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भी आरंभ हो चुका है और चिकित्सक भी उपलब्ध हैं तथा चिकित्सा शिक्षा सत्र भी चालू है इसके लाभ विभिन्न रोगों और रोगियों की चिकित्सा व जांच में मिलेगा।

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कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग के निर्देशन में जिला चिकित्सालय मंदसौर में निरंतर सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है. इसी क्रम में पैथोलॉजी लैब जिला चिकित्सालय मंदसौर को एनएबीएल एक्रीडिटेशन प्राप्त हुआ है. जिला चिकित्सालय मंदसौर के सिविल सर्जन डॉक्टर डी. के. शर्मा ने बताया की NABL की मोहर लगने के बाद लैब में बीमारियों की जांच को लेकर मरीजों को फायदा होगा। मरीजों को आर्थिक रूप से भी नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

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इस समय लैब में बीमारियों की जांच को लेकर जो रिपोर्ट दी जाती है, उस रिपोर्ट को लेकर जब मरीजों को दूसरे अस्पताल में रेफर किया जाता है तो वहां के चिकित्सक दोबारा से सभी रिपोर्ट करवाते हैं, इससे मरीज को शारीरिक व मानसिक रूप से तो परेशान होना ही पड़ता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी काफी बोझ पड़ता है। सिविल सर्जन डॉ शर्मा के अनुसार NABL की मान्यता मिलने के बाद ऐसा नहीं होगा।

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NABL मान्यता के बाद मरीजों को अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित रिपोर्ट मिलेगी। इससे रोगों की सटीक और त्वरित पहचान हो सकेगी। मरीजों को समय पर सही इलाज मिल सकेगा।

यह मान्यता अस्पताल की विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आएगी। साथ ही सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। जिले के अधिक से अधिक मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।