मंदसौर MP-ऑपरेशन सफाया अभियान-आपराधिक तत्वों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही, 106 आदतन अपराधी होंगे जिलाबदर

72

मंदसौर से डॉ. घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट

मंदसौर। जिले के पुलिस कप्तान सुनील कुमार पांडे ने अपने काम के पहले पखवाड़े में मंदसौर जिले को अपराधियों से मुक्त किये जाने की दिशा में बड़ी कार्यवाही की है।

विभिन्न प्रकार के अपराधों में नामजद लिप्त 106 बदमाशों को सूचीबद्ध करते हुए जिलाबदर किये जाने का प्रस्ताव जिला कलेक्टर गौतमसिंह को भेजे हैं। इनमें जिला मुख्यालय के तीन थाना क्षेत्रों के सहित 16 पुलिस स्टेशन के लिस्टेड अपराधी सूचीबद्ध किये हैं।

पुलिस अधीक्षक द्वारा आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर आदतन आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त कुल 106 गुण्डों/बदमाशों को चिन्हित किया जाकर उनके विरुद्ध जिलाबदर की कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन जिला कलेक्टर को प्रेषित किया गया है। इन 106 बदमाशों में अवैध मादक पदार्थ, अवैध शराब, अवैध हथियार तस्करी, जुआ, सट्टा, संपत्ति संबंधी अपराध (लूट, डकैती, नकबजनी, चोरी, वाहन चोरी), महिला संबंधी अपराध एवं गंभीर अपराधों में संलिप्त आपराधिक तत्व शामिल हैं।

थानेवार प्रकरण- थाना कोतवाली के 12, थाना वायडीनगर-10, नई आबादी-05, भावगढ़-03, दलौदा-09, नाहरगढ़-06, अफजलपुर-05, पिपलियामण्डी-01, नारायणगढ़-04, मल्हारगढ़-04, सीतामऊ-12, सुवासरा-08, शामगढ़-06, गरोठ-06, भानपुरा-10 एवं गांधीसागर-05।

इन अपराधों के अपराधियों पर होगी कार्यवाही (मदवार अपराधियों की संख्या)-
1- संपत्ति संबंधी आदतन अपराधी-20
2- शराब तस्करी – 19
3- मादक पदार्थ तस्करी – 15
4- शरीर संबंधी अपराधी (मारपीट, अवैध वसूली, जान से मारने की धमकी) – 14
5- शरीर संबंधी गंभीर अपराध (हत्या, हत्या के प्रयास)- 06
6- जुआ एवं सट्टा के अपराधी – 11
7- अवैध हथियार एवं शस्त्र – 08
8- अजा, अजजा पर अत्याचार -08
9- महिला छेड़छाड़ – 03
10- धार्मिक उन्माद – 01
11- खनन तस्करी – 01

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ अमित वर्मा ने बताया कि सूची के नामजद गुंडों-बदमाशों और अपराधियों का पुरा रिकॉर्ड जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर मंदसौर को अग्रेषित किया है । कुछ लोगों पर रासुका कार्यवाही भी प्रचलित है।

पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पांडे व जिला पुलिस बल मंदसौर जिले में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के लिये कटिबद्ध है।

मिली जानकारी के मुताबिक एक साथ 100 से अधिक नामजद अपराधियों पर जिलाबदर की कार्यवाही किया जाना प्रदेश में प्रथम मिसाल होगी।

मंदसौर जिले में इस तरह का यह पहला मामला है।