
MP News: पुलिस चौकी में प्रधान आरक्षक ने लगाई फांसी, नौगांव में मचा हड़कंप
छतरपुर: जिले के नौगांव बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब चौकी के भीतर ही एक प्रधान आरक्षक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी लगते ही पुलिस विभाग में सनसनी फैल गई और मौके पर वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए।

घटना देर रात की बताई जा रही है। मृतक की पहचान तरुण गंधारक निवासी सागर के रूप में हुई है, जो नौगांव थाने में प्रधान आरक्षक पद पर पदस्थ था। उसकी उम्र करीब 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि गुरुवार शुक्रवार की रात को चौकी के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

सूचना मिलते ही पहुंचे अधिकारी..
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने चौकी को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
मानसिक तनाव के चलते उठाया कदम..
प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की वजह मानसिक तनाव बताई जा रही है। एसडीओपी ने बताया कि प्रधान आरक्षक लंबे समय से तनाव में था, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
पुलिस महकमे में शोक का माहौल..
घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग में शोक और स्तब्धता का माहौल है। साथी कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।
SP बोले..
छतरपुर के पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के मुताबिक आरक्षक की मृत्यु का कारण प्रथमदृष्टया आत्महत्या है। परिजन इस स्थिति में नहीं है कि उनसे कोई बात पूछताछ की जा सके। परिजनों के बयानों के बाद ही कुछ भी क्लियर कहना संभव हो सकेगा।
SP ने बताया कि हेड कांस्टेबल को 6 माह से अधिक थाने में पदस्थ हुए हो चुका है। काफी अच्छा कार्य करता था, प्रोफेशनली कोई समस्या नहीं थी। पर्सनल कोई इश्यू होता तो उसे चेक करने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटना के दौरान वह ऑफ ड्यूटी था और थाना क्षेत्र में अपनी पत्नी और बेटी के साथ रहता था।
पारिवारिक विवाद और कलह की जानकारी अभी सामने नहीं आई। उनकी पत्नी इस स्थिति में नहीं है कि पूछताछ की जा सके और बिना जानकारी सत्यता जाने कुछ भी सही नहीं है। जहां घटना घटी वह पुरानी चौकी थी। नई जगह चौकी परिवर्तित हो चुकी है। फिलहाल यह (पुरानी चौकी) खाली भवन था।





