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MP Sidhi Urination Case:BJP को बड़ा झटका! सीधी जिला महामंत्री विवेक कोल ने पार्टी से दिया इस्तीफा

MP Sidhi Urination Case:BJP को बड़ा झटका! सीधी जिला महामंत्री विवेक कोल ने पार्टी से दिया इस्तीफा

MP Sidhi Urination Case: देश की सत्तारूढ़ पार्टी यानी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को झटका देते हुए मध्य प्रदेश के सीधी जिले के महामंत्री विवेक कोल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने यह कह कर इस्तीफा दिया है कि जब तक भाजपा के स्थानीय विधायक केदारनाथ शुक्ला पार्टी में रहेंगे, तब तक वह पार्टी में घुटन महसूस करेंगे और अपने आदिवासी समुदाय के लिए खुलकर नहीं लड़ पाएंगे. विवेक कोल से जब रविवार रात उनके इस्तीफे के बारे में टिप्पणी के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने मीडिया एजेंसी पीटीआई-भाषा से फोन पर कहा, “मेरा इस्तीफा अंतिम है. मैंने दो दिन पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा को अपना इस्तीफा ईमेल किया है. मैंने इसे भाजपा के पदाधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में भी डाला है.”

कोल ने अपने इस्तीफे में लिखा है, जब से मैं भाजपा में शामिल हुआ, तब से मैंने पार्टी के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य किया है. लेकिन कुछ वर्षों से मैं लगातार सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला के कृत्यों से आहत होता रहा हूं, क्योंकि उन्होंने हर तरफ सत्ता का दुरुपयोग करते हुए आतंक मचा रखा है. उन्होंने आरोप लगाया, हड़बड़ो एवं डोल के पास छिरहट के आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जा कर आदिवासी भाइयों पर अत्याचार किया. सीधी के व्यापारी सुनील भूर्तिया का अपहरण कर जानलेवा हमला करवाया और बाद में उसी अपराधी धर्मेन्द्र शुक्ला को मंडल अध्यक्ष बनवाया.

कोल ने आरोप लगाया, सीधी के कलाकारों और पत्रकारों को नंगा करके थाने में पिटवाना तो चल ही रहा था कि अब इनके प्रतिनिधि ने आदिवासी समाज के एक भाई के चेहरे पर पेशाब कर दिया, जिस कारण से मैं पिछले तीन दिनों से बहुत व्यथित हूं और सो नहीं पा रहा हूं. उन्होनें कहा, मेरी बेचैनी बढ़ती ही जा रही है क्योंकि किसी भी मामले में आज तक प्रशासन ने एक भी कार्रवाई नहीं की है, न ही इनके गुंडों के खिलाफ आज तक पुलिस ने कोई कार्रवाई की है. उन्होंने पत्र में आगे लिखा, जब तक सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला भाजपा में रहेंगे, तब तक मेरा यहां दम घुटता रहेगा. इसलिए मैं आदिवासी भाइयों की लड़ाई बिना किसी दबाव के खुलकर लड़ना चाहता हूं और पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं.

बता दें कि कोल ने मध्य प्रदेश की चुरहट सीट से बसपा उम्मीदवार के तौर पर पिछला विधानसभा चुनाव लड़ा था. हालांकि, वह यह चुनावी जंग हार गए थे. कोल ने इस्तीफा ऐसे समय पर दिया है जब भाजपा इस साल के अंत में होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सत्ता विरोधी लहर को खत्म करके सीधी सहित विंध्य क्षेत्र की 30 में से अपनी 24 सीटों को बरकरार रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.