अग्नि अखाड़ा के सभापति मुक्तानंद बापू: खुद चौथी तक पढ़े, आज सैकड़ों स्कूल, कॉलेज संचालित कर रहे

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अग्नि अखाड़ा के सभापति मुक्तानंद बापू: खुद चौथी तक पढ़े, आज सैकड़ों स्कूल, कॉलेज संचालित कर रहे

मुक्तानंद बापू से कीर्ति राणा की खास चर्चा

उज्जैन: खुद पढ़ाई से इस हद तक कतराते थे कि चौथी क्लास तक बड़ी मुश्किल से पढ़े। मन तो वैराग्य की राह पर चलना चाहता था।
आज अग्नि अखाड़ा के सभापति मुक्तानंद बापू की विश्व के 23 से अधिक देशों में पहचान इसलिये है कि उन्होंने गुजरात के जूनागढ़ से लगे चापरदा स्थित आश्रम को एक सेवातीर्थ के रूप में पहचान दिलाई है। विदेशों में बसे अनुयायी उनके द्वारा संचालित सेवा कार्यों में मुक्त हस्त से सहयोग भी करते हैं। बापू का मन पढ़ने में भले ही नहीं लगा लेकिन गोपालानंद जी के आशीर्वाद का ही परिणाम है कि इस आश्रम से अविरल बहने वाली शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा की त्रिवेणी से गुजरात के गांव सकारात्म बदलाव से रोशन हो रहे हैं।
सदावल रोड उज्जैन स्थित अग्नि अखाड़ा में निशुल्क भोजनशाला का शुभारंभ करने आए बापू मुक्तानंद जी टीवी, मोबाइल, लेपटॉप आदि उपकरण चलाना नहीं जानते लेकिन गुजरात के चापरदा, कच्छ क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बीवीएम द्वारा संचालित स्कूलों से 10 हजार बच्चों को निशुल्क स्कूली शिक्षा की सुविधा मिल रही है। जूनागढ़ में ही 8 कॉलेज संचालित कर रहे हैं।
चर्चा में मुक्तानंद बापू कहते हैं मेरे साथ स्कूल में पढ़ने वाले कोई डॉक्टर, वकील हो गए, मैं पढ़ नहीं पाया लेकिन यह क्या कम है कि हमारे द्वारा स्थापित कॉलेजों से विषय विशेषज्ञ तैयार हो रहे हैं। उनका कहना था खुद मुझे पता नहीं किस-किस सब्जेक्ट वाले कॉलेज हैं। बस कमेटी के सदस्य और जिस विषय के छात्रों की संख्या ज्यादा हो जाती है उस सब्जेक्ट का कॉलेज कर देते हैं। इसका संचालन समिति देखती है।
मैं इस विवाद में नहीं पड़ना चाहता कि कौनसा धर्म, किस धर्म से अच्छा है। 16 वर्ष की उम्र से गोपालानंद जी के साथ में रहा वो बस एक ही बात कहते थे बस अच्छा काम करते रहो। धर्म भी तो यही कहता है दूसरों को राहत दीजिये। भोजनशाला से निशुल्क भोजन, स्कूल-कॉलेज के माध्यम से शिक्षा दान कर के पीड़ितों को राहत देना भी तो अच्छा काम है।
🔹पशुओं के उपचार के लिये अस्पताल, सैकड़ों बीघा में पक्षी विहार की स्थापना
बापू मुक्तानंद जी की देखरेख में बीवीएम यानी ब्रह्मानंद विद्या मंदिर के माध्यम से चल रहे सेवा कार्यों में जूनागढ़ में पशुओं के उपचार के लिए अस्पताल के साथ ही आसपास के 183 गांवों में पशुओं को रोग मुक्त करने के लिए चलित अस्पताल। इसके साथ ही सैकड़ों बीघा क्षेत्र में पक्षियों के लिये अभयारणय की स्थापना ।
🔹172 बेड वाले अस्पताल से ग्रामीण मरीजों का निशुल्क उपचार।
🔹प्राथमिक-माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना से 10 हजार बच्चों को शिक्षा दान ।
🔹मंद बुद्धी बच्चों के साथ ही दृष्टिबाधत बच्चों के लिये भी स्कूल का संचालन ।
🔹जूनागढ़ जिले के विसावदर में गांवों के विकास में सहायता के लिए आनंद धारा परियोजना के तहत, 40 गांवों में काम कर रहे हैं, 9 गांवों में स्कूल सभा भवन बनाने में मदद कर रहा है।
🔹निशुल्क टिफिन सेवा
यही नहीं जूनागढ़-चापरदा क्षेत्र में बीवीएम द्वारा सुबह-शाम 4-4 हजार (कुल आठ 8 हजार) टिफिन सेवा नियमित संचालित की जा रही है।