
बसंत पंचमी पर भोजशाला में नमाज होगी, ASI के आदेश का पालन करेंगे
इंतजामिया कमेटी के जुल्फिकार पठान ने आज जुमे की नमाज के बाद मीडिया से चर्चा की
धार से छोटू शास्त्री की रिपोर्ट
धार। बसंत पंचमी के दिन शुक्रवार है और उस दिन भी मुस्लिम समाज भोजशाला परिसर में स्थित कमाल मौला मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करेगा। इस संबंध में ASI के आदेश का पालन करेंगे।
इस बात की जानकारी कमाल मौला मस्जिद के इंतजामिया कमेटी के जुल्फिकार पठान ने दी। आज जुमे की नमाज के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम उस दिन नमाज पढ़ने वालों की संख्या कम कर सकते हैं, पर नमाज तो होगी।
जुल्फिकार पठान ने कहा कि शहर में शांति व्यवस्था बनी है और आगे भी यह व्यवस्था बनी रहेगी। लेकिन, जुमे की नमाज मुस्लिम समाज का संवैधानिक अधिकार है। 1935 में भी इस बात को कंटिन्यू किया गया और बताया कि यह कमाल मौला मस्जिद है। जैसे इसमें आज नमाज हुई, वैसे आगे भी नमाज होती रहेगी। 1952 में भी इस चीज को कंटिन्यू किया और 7 अप्रैल 2003 का जो आदेश है उसमें भी आर्केलॉजी विभाग ने इस बात को कायम रखा है। अभी जो शांति समिति की बैठक हुई थी, उसमें भी कलेक्टर और एसपी ने बताया कि केंद्र का एक आदेश आना बाकी है, हम उस आदेश का पूरी तरह का पालन करेंगे।
उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि जहां तक परंपरा की बात है, तो वह भी मायने रखती है। लेकिन, शहर की शांति के लिए मुस्लिम समाज सहयोग कर रहा है और आगे भी सहयोग करेगा। शहर में शांति के लिए मुस्लिम समाज त्याग करने को तैयार है। अभी मुस्लिम समाज जिस तादाद में नमाज पढ़ता है, हम वह तादाद कम कर सकते हैं। यह सब शांति के लिए ही होगा। मुस्लिम समाज का संवैधानिक अधिकार है और इस स्थान को हम कमाल मौला मस्जिद ही मानते हैं। जुमे की नमाज यही होगी। क्योंकि, यहां 800 साल से नमाज होती रही है और हम चाहते हैं कि शहर में शांति रहे और मुस्लिम समाज भी शांति व्यवस्था में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेगा और यहां शांति बनी रहेगी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जहां तक कौमी एकता की बात है तो यह मिसाल की बात है, तो यह तब होगा जब यहां दोनों आयोजन शांति के साथ हों। 2006, 2013 और 2016 में भी यहां पर शांतिपूर्वक नमाज हुई थी। हम शांति व्यवस्था के लिए प्रयास करेंगे और हमारी पुलिस भी शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए प्रयास कर रही हैं। मुस्लिम समाज भी शांति के लिए लगा है और 100% शांति रहेगी। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया का जो आदेश आएगा, उसका भी पालन होगा और शहर में शांति व्यवस्था बनी रहेगी।





