लोग जाति, धर्म के आधार पर मतदान न करें : भागवत

लोग जाति, धर्म के आधार पर मतदान न करें : भागवत

मीडियावाला.इन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने आगामी विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले लोगों से जाति, वर्ग और धर्म के आधार पर वोट नहीं करने की अपील की है। आरएसएस प्रमुख ने गुरुवार को कहा कि लोगों को सोच-समझकर देश को जोड़ने वाली पार्टी को वोट देना चाहिए न कि देश को तोड़ने वाली पार्टी को। 

किसी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि आरएसएस किसी राजनीतिक दल के पीछे खड़ा नहीं है और न ही वह भविष्य में किसी राजनीतिक दल को समर्थन करेगा। 

विजयादशमी के अवसर पर आरएसएस मुख्यालय में भागवत ने संघ के कॉडर को संबोधित करते हुए कहा, "लोकतंत्र में जब चुनाव होता है तो मतदातागण एक दिन के लिए राजा बन जाते हैं। लोग एक दिन मतदान करते हैं और उसके बाद पांच साल उनको दुख भोगना पड़ता है। कभी-कभी उनको कई वर्षो तक दुख झेलना पड़ता है। इसलिए चुनाव आयोग ने समझदारी से मतदान करने को कहा है।"

भागवत ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए और मतदान शतप्रतिशत होना चाहिए। 

उन्होंने कहा, "लेकिन इसका फैसला समझदारी से किया जाना चाहिए कि किसको वोट दिया जाए। निर्णय जाति, वर्ग और धर्म के आधार पर नहीं होना चाहिए। राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर फैसला किया जाना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि मतदाताओं को सोचना चाहिए कि देश को कैसे आगे ले जाया जाए और कौन देश को जोड़ने का काम करेगा। उनको यह भी पड़ताल करनी चाहिए कि कौन अपने राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए देश को बांटना चाहता है। 

भागवत ने यह भी कहा कि मतदाताओं को यह भी देखना चाहिए कि कौन पारदर्शिता लाएगा एवं किसका चरित्र स्वच्छ है और किस पर भरोसा किया जा सकता है। 

नोटा (उपर्युक्त में से कोई नहीं) के खिलाफ अपनी राय रखते हुए भागवत ने कहा कि नोटा विकल्प का चयन करने वाले मतदाता उपलब्ध सर्वोत्तम के बनाम उपलब्ध सबसे अधम विकल्प का चयन करते हैं। 
 

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