8 साल की उम्र में मार मचा दी, लगातार 136 मैच जीतकर इतिहास रचा, माराडोना की 10 बड़ी बातें

8 साल की उम्र में मार मचा दी, लगातार 136 मैच जीतकर इतिहास रचा, माराडोना की 10 बड़ी बातें

मीडियावाला.इन।

नई दिल्ली. फुटबॉल जगत के सबसे लोकप्रिय और सबसे सफल फुटबॉलर्स में शुमार डिएगो माराडोना (Diego Maradona) का बुधवार 25 नवंबर को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. माराडोना का करियर लोकप्रियता के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचा. इस दौरान विवादों से उनका नाता गहरा रहा तो उनकी शख्सियत का जादू भी लोगों के सिर चढ़कर बोला. आइए, हम आपको बता रहे हैं महानतम माराडोना के करियर की दस बड़ी बातें, जिन्हें पढ़कर आपको कुछ और पढ़ने की जरूरत महसूस नहीं होगी.

1. माराडोना ने आठ साल की उम्र में द लिटिल अनियंस टीम में प्रवेश किया. इस टीम ने लगातार 136 मैच और नेशनल चैंपियनशिप जीती.

2. 15 साल की उम्र में साल 1976 में अर्जेंटीना की जूनियर टीम की ओर से first डिविजन डेब्यू किया.

3. सिर्फ चार महीने का वक्त लगा जब माराडोना ने राष्ट्रीय टीम के साथ मैदान पर कदम रखा. ऐसा करने वाले माराडोना अर्जेंटीना के सबसे युवा फुटबॉलर बने.

4. दिलचस्प बात ये रही कि साल 1978 में ही उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. वो इसलिए क्योंकि उन्हें कुछ ज्यादा ही युवा समझा गया. अगले साल उन्होंने नेशनल अंडर20 टीम की कप्तानी की.

5. साल 1981 में माराडोना बोका जूनियर्स से जुड़े और टीम को चैंपियनशिप जीतने में मदद की. इसके बाद 1982 में बार्सिलोना से जुड़े और अगले ही साल स्पेनिश कप जीता. 1984 से लेकर 1991 तक एसएससी नापोली के साथ सफल समय बिताया. इस दौरान इस कमजोर टीम को शिखर पर पहुंचाया. माराडोना के साथ नापोली ने 1987 में लीग खिताब जिताया और 1990 में इस कारनामे को दोहराया.

6. नापोली के साथ जुड़ाव तब खत्म हुआ जब कोकीन रखने के जुर्म में फुटबॉल खेलने पर 15 महीने का निलंबन हुआ. इसके बाद वे सेविला से जुड़े और अर्जेंटीना में नेवेल ओल्ड बॉयज के साथ खेले. 1995 में बोका जूनियर्स में आए और 25 अक्टूबर 1997 को अपना आखिरी मैच खेला.

7. अर्जेंटीना के लिए करियर की बात करें तो उन्होंने 1982, 1986, 1990 और 1994 के विश्व कप में देश के लिए हिस्सा लिया. मैक्सिको में हुए 1986 विश्व कप में उनका दबदबा देखने केा मिला जिसमें अर्जेंटीना ने खिताब जीता. इंग्लैंड पर 2-1 की क्वार्टरफाइनल जीत में उन्होंने विश्व कप इतिहास के दो सर्वश्रेष्ठ गोल किए. पहला गोल उनके हाथ से लगकर हुआ जिसे रेफरी ने समझा कि उनके सिर से हुआ है. इसे हैंड आफ गॉड कहा गया. इसके बाद माराडोना ने मिडफील्ड से गेंद अपने कब्जे में लेकर इंग्लिश डिफेंडरों की फौज को छकाते हुए जबरदस्त गोल किया. माराडोना 1994 का विश्व कप खत्म नहीं कर सके क्योंकि उन्हें ड्रग पॉजिटिव पाया गया. उन्हें फिर निलंबित कर दिया गया.

8. अर्जेंटीना के लोअर क्लास के तबगे के हीरो के रूप में माराडोना ने अपनी लोकप्रियता को नया आयाम दिया. अपने 21 साल के करियर में माराडोना ने 490 आफिशियल क्लब गेम खेले. इनमें उन्होंने 259 गोल किए. अर्जेंटीना के लिए माराडोना ने 91 मुकाबले खेले, जिनमें उन्होंने 34 गोल किए. एक इंटरनेट पोल के अनुसार माराडोना को बीसवीं सदी के टॉप प्लेयर का खिताब दिया गया.

9. साल 2008 में माराडोना को अर्जेंटीनी फुटबॉल टीम का हेड कोच बनाया गया. 2010 में टीम ने विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया. 2011 में माराडोना को यूएई के क्लब अल वस्ल का कोच बनाया गया, लेकिन टीम के खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें निकाल दिया गया. इसके बाद 2018 में मैक्सिको डोराडोस डीर सिनालोआ के कोच बने.

10. माराडोना का इसी साल हाल ही में ब्रेन सर्जरी की गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन बुधवार 25 नवंबर को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया.

TV9 भारतवर्ष

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