आयकर विभाग ने शुरू की फेसलेस पेनाल्‍टी स्‍कीम, जानें इसके नेशनल-रीजनल सेंटर की क्‍या होंगी जिम्‍मेदारियां

आयकर विभाग ने शुरू की फेसलेस पेनाल्‍टी स्‍कीम, जानें इसके नेशनल-रीजनल सेंटर की क्‍या होंगी जिम्‍मेदारियां

मीडियावाला.इन।

नई दिल्‍ली. आयकर विभाग (Income Tax Department) ने फेसलेस या ई-असेसमेंट प्रोग्राम के तहत की गई पेनाल्‍टी की सिफारिश से जुड़े मामलों के लिए फेसलेस पेनाल्‍टी स्‍कीम (Faceless Penalty Scheme) शुरू कर दी है. स्‍कीम के लिए जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है, 'सुनिश्चित किया जाए कि टैक्‍सेबल इनकम के फेसलेस असेसमेंट (Faceless Assessment) के बाद जारी किया गया आदेश पुख्‍ता है. टैक्‍सपेयर्स (Taxpayers) पर पेनाल्‍टी लगाने से पहले इसकी कई स्‍तर पर समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए.'

नेशनल सेंटर और रीजनल यूनिट्स का क्‍या होगा काम
स्‍कीम के तहत एक नेशनल फेसलेस पेनाल्‍टी सेंटर (NFPC) बनाया जाएगा. इसके अलावा इसकी कई रीजनल यूनिट (Regional Units) भी स्‍थापित की जाएंगी. एएफपीसी फेसलेस असेसमेंट पहल के तहत पेनाल्‍टी की सिफारिश करेगा. इसके बाद रीजनल यूनिट पेनाल्‍टी की इस सिफारिश को स्‍वीकार करेगी. इस सिफारिश को खारिज (Reject) करने का अधिकार भी रीजनल यूनिट के पास रहेगा. एनएफपीसी पेनाल्‍टी यूनिट की ओर से की गई सिफारिश की समीक्षा का निर्देश भी दे सकता है. इसके अलावा अंतिम आदेश जारी करने से पहले एनएफपीसी जुर्माना आदेश में बदलाव भी करा सकता है. वहीं, अगर चाहे तो जुर्माना आदेश रद्द भी कर सकता है.

फेसलेस असेसमेंट प्रोग्राम में क्‍या होते हैं फायदे
इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने 2019 में फेसलेस असेसमेंट प्रोग्राम को आगे बढ़ाया था ताकि इनकम टैक्‍स (Income Tax) के आकलन की प्रक्रिया के दौरान निष्‍पक्षता बनी रही. इसके तहत इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के किसी भी फील्‍ड ऑफिसर (Field Office) को अचानक कोई भी मामला असेसमेंट के लिए दे दिया जाता है. वहीं, इस व्‍यवस्‍था के तहत टैक्‍सपेयर्स और ऑफिसर के बीच सीधा संपर्क भी नहीं हो पाता है. इस स्‍कीम के तहत व्‍यक्तिगत सुनवाई की मांग भी की जा सकती है, जिसकी इजाजत एक वरिष्‍ठ कर अधिकारी (Senior Tax Official) दे सकता है. बाद में केंद्र सरकार ने फेसलेस अपील स्‍कीम भी शुरू की थी. अब इसी कड़ी में फेसलेस पेनाल्‍टी स्‍कीम भी शुरू कर दी गई है.

News18

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