
PWD में अब लोक सूचकांक से होगा इंजीनियरों के कार्यो का मूल्यांकन, होगी ग्रेडिंग
भोपाल: लोक निर्माण विभाग में सब इंजीनियर से लेकर चीफ इंजीनियर तक के कार्यो का मूल्यांकन लोक सूचकांक के जरिए किया जाएगा। सभी इंजीनियरों को उनके निर्देशन में हो रहे कार्यो का मूल्यांकन खुद करना होगा और इसी आधार पर उनकी ग्रेडिंग की जाएगी। इसके बाद क्या काम किये गए, कार्यो में क्या कमी है उनमें क्या सुधार है यह तय किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम, प्रमुख अभियंता भवन और प्रमुख अभियंता बी एंड आर में इस समय कुल सोलह सौ इंजीनियर इंजीनियर पदस्थ है। लोक निर्माण विभाग के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग फे्रमवर्क के अंतर्गत लोक कल्याण सूचकांक का निर्धारण किया गया है। लोक कल्याण सूचकांक की गणना करने के लिए प्राप्त सुझाव के आधार पर छह आयामों का वेटेज प्रतिशत निर्धारित करते हुए प्रत्येक आयाम के अंतर्गत पांच मापदंड और उनके वेटेज प्रतिशत निर्धारित किए गए है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के सामने मुख्य अभिंताओं की कांफ्रेस में तैयार छह आयामों का वेटेज प्रतिशत प्रस्तुतिकरण किया गया था। जिसमें यह निर्णय लिया गया है कि लोक कल्याण सूचकांक अंतर्गत बनाए गए छह आयामों में संबंधित आयाम को आनलाईन पोर्टल के माध्यम से सभी मुख्य अभियंताओं , अधीक्षण यंत्री , कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी और उपयंत्री द्वारा नियमित भरे जाएं।
लोक निर्माण मंत्रालय ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के एमडी, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के एमडी और प्रमुख अभियंता बी एंड आर तथा प्रमुख अभियंता भवन को निर्देशित किया है कि सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण यंत्रियों, कार्यपालन यंत्रियों, अनुविभागीय अधिकारियों और उपयंत्रियों को निर्देशित करे कि वे संबंधित आयाम की जानकारी निर्धारित समय में पोर्टल पर भरे।
*इस तरह से होगी ग्रेडिंग-*
इंजीनियर किस तरह के काम कर रहे है इसकी ग्रेडिंग की जाएगी। कौन अधिकारी कैसे काम कर रहा है यह इससे तय होगा।
इसमें यह देखा जाएगा कि जो काम अधिकारी करवा रहे है उनमें मानकों के अनुरुप उच्च गुणवत्ता वाले कार्य हुए या नहीं । नियत समय और संसाधनों से कार्य पूरी कुशलता के साथ पूरे हुए या नहीं। मानव और संगठनात्मक क्षमता में सतत सुधार आया या नहीं। पारदर्शी और निष्पक्ष प्रणाली लागू करने में अधिकारी का क्या योगदान रहा। शिकायतों पर तुरंत जबाव देने और सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने में क्या भूमिका रही और नई प्रक्रियाओं और पद्धतियों को विकसित करने में क्या काम किया गया। यह सब इंजीनियर खुद पोर्टल पर दर्ज कराएंगे। इसके आधार पर वरिष्ठ अधिकारी इंजीनियरों के कामों का मूल्यांकन कर ग्रेडिंग करेंगे और उनके कामों में सुधार के लिए उन्हे निर्देशित किया जाएगा। इसमे प्रोजेक्ट तैयार करने, प्रशिक्षण, कार्य गुणवत्ता, समयसीमा और अन्य कार्य जो कलेक्टर से लेकर अन्य अफसरों द्वारा उन्हें सौपे गए उनके निष्पादन को भी देखा जाएगा।





