MP में महिलाओं और बच्चियों के अपहरण के मामले बढ़े, 2 साल में चिंताजनक उछाल, रेंज आईजी को मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश

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MP में महिलाओं और बच्चियों के अपहरण के मामले बढ़े, 2 साल में चिंताजनक उछाल, रेंज आईजी को मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश

भोपाल: प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के अपहरण के मामलों में पिछले दो सालों के दौरान लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पुलिस मुख्यालय के ताजा आंकड़ों ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। वर्ष 2023 से 2025 के बीच अपहरण के मामलों में लगातार इजाफा हुआ है।

इस मामले में सभी रेंज आईजी से लेकर पुलिस अधीक्षकों तक को लगातार मॉनिटरिंग करने और मामलों में अपडेट लेते रहने के फिर से निर्देश दिए गए हैं।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में राज्यभर में कुल 10,631 अपहरण के मामले दर्ज किए गए थे। जिसमें महिलाओं और बच्चियों के मामले ज्यादा हैं। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 11,436 हो गई, यानी एक साल में ही करीब 800 से अधिक मामलों की वृद्धि हुई। वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ते हुए 12 हजार 582 तक पहुंच गया। इस तरह दो वर्षों में अपहरण के मामलों में करीब 2 हजार से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो किसी भी दृष्टि से सामान्य नहीं मानी जा सकती।

पीएचक्यू ने अपनी समीक्षा में पाया कि महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के अपहरण के पीछे कई कारण सामने आते हैं। इनमें प्रेम प्रसंग, जबरन विवाह, मानव तस्करी, पारिवारिक विवाद और कई बार नाबालिगों का घर छोड़कर जाना भी शामिल होता है। हालांकि, इन सभी कारणों के बावजूद बढ़ते आंकडे यह संकेत दे रहे हैं कि रोकथाम और समय पर हस्तक्षेप के प्रयास अभी भी अपेक्षित स्तर तक प्रभावी नहीं हो पाए हैं।

कानून-व्यवस्था के नजरिए से यह स्थिति बेहद संवेदनशील मानी जा रही है, क्योंकि ऐसे मामलों का सीधा संबंध महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा से है। हर बढ़ता आंकड़ा यह बताता है कि समाज के इस वर्ग के लिए खतरे की आशंका भी बढ़ रही है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि कई मामलों में रिपोर्टिंग बढ़ने से भी आंकड़ों में इजाफा दिख सकता है, लेकिन लगातार तीन वर्षो तक बढ़ती प्रवृत्ति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।