WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home मीडियावाला ख़ास

Number of Vultures Increased : गांधी सागर अभ्यारण्य गिद्धों को रास आने लगा, संख्या 850 से 1007 हुई!

बाघ और चीते के बाद अब मध्यप्रदेश गिद्धों का भी प्राकृतिक ठिकाना बनता जा रहा!

Number of Vultures Increased : गांधी सागर अभ्यारण्य गिद्धों को रास आने लगा, संख्या 850 से 1007 हुई!

 

Bhopal : देश भर में जहां गिद्ध विलुप्त होने की स्थिति में पहुंच गए। वहीं मंदसौर के गांधी सागर अभ्यारण्य का वातावरण गिद्धों को ऐसा रास आया कि एक साल में ही गिद्धों की संख्या 1000 के पार पहुंच गई। वन विभाग की वार्षिक गणना में गांधी सागर अभ्यारण्य में अब गिद्धों की संख्या 850 से बढकर 1007 हो गई है। गिद्धों की 7 प्रजाति यहां निवास कर रही हैं।

विलुप्ति की कगार में पहुंच चुके गिद्धों को बचाने के लिए वन विभाग विशेष प्रोजेक्ट चला रहा है। इसके लिए हर वर्ष शीतकाल और ग्रीष्मकाल में गिद्धों की गणना की जाती है। साल 2024 में मध्य प्रदेश में पन्ना जिले में सर्वाधिक गिद्ध गणना में मिले थे। जबकि, मंदसौर जिला दूसरे नंबर पर रहा था। वहीं मध्य प्रदेश में साल 2025 के सभी जगह पर गणना के बाद इसके आंकड़े जारी किए जाएंगे।

IMG 20250422 WA0039
मंदसौर डीएफओ संजय रायखेरे ने बताया कि बीते वर्ष की गणना में 850 गिद्ध गांधीसागर अभ्यारण्य और आसपास के क्षेत्र में मिले थे। इस साल तीन दिनों की गणना में कुल 1007 गिद्ध पाए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 157 अधिक है। इस गणना में भारतीय गिद्ध, काला गिद्ध, मिश्र गिद्ध, हिमालय गिद्ध और ड्यूरेशन गिद्ध की प्रजातियां मिली है। चंबल नदी के तट पर तीन दिनों तक का सुबह 7 से लेकर 9 बजे तक यह गणना की गई है।

गिद्धों की संख्या में बढ़ोतरी
मध्य प्रदेश बाघ और चीते के बाद अब गिद्धों का भी प्राकृतिक ठिकाना बनता जा रहा है। खासकर मंदसौर का गांधी सागर अभ्यारण गिद्धों को पसंद आने लगा है। यहां की ऊंची ऊंची चट्टानें, घने वृक्ष और नदी का तट गिद्दों को पसंद आ रहा है। शीतकालीन गणना के आंकड़े जारी होने के बाद वर्षा काल के पहले पुनः गिद्धों की गणना की जाएगी। जिसमें गिद्धों की संख्या और अधिक होने की उम्मीद जताई जा रही है।