
तो मोदी कैबिनेट विस्तार में पूरी हो रही है कॉकरोच जनता पार्टी की मांग…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने पर बैठी हुई है। मांग एक ही है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। और अब इसी बीच के केन्द्रीय मंत्रिमंडल विस्तार आकार लेने जा रहा है। और उसमें आकलन भी यही हो रहा है की नॉन परफॉर्मर्स मंत्री कैबिनेट से बाहर होंगे। और यह भी एक आकलन सामने आ रहा है कि धर्मेन्द्र प्रधान को नॉन परफॉर्मर्स मंत्रियों में गिना जा रहा है। ऐसे में क्या मोदी कैबिनेट के विस्तार के साथ कॉकरोच जनता पार्टी की मांग पूरी होने का समय भी नजदीक है। फिलहाल तो इसे एक संभावना ही माना जा सकता है, लेकिन आगामी दिनों में तस्वीर साफ होने वाली है।
दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन लगातार 10वें दिन भी जारी है। 20 जून से शुरू हुए इस प्रदर्शन में हर दिन नए घटनाक्रम सामने आए हैं। प्रदर्शन की अवधि खत्म होने के बाद भी धरना जारी रहा, पुलिस के साथ कई बार नोकझोंक हुई, सुविधाओं को लेकर आरोप लगे और अब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। वहीं सीजेपी के संस्थापक ने एक्स पर वीडियो जारी किया जिसमें सोनम वांगचुक ने जानकारी दी कि ये उनके अनशन का दुसरा दिन है साथ ही उन्होंने लोगों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिन के लिए अनशन करने की अपील की।
वहीं, मोदी कैबिनेट विस्तार की खबरों पर गौर करें तो धर्मेंद्र प्रधान और हरदीप सिंह पुरी की मोदी कैबिनेट से छुट्टी होने की संभावना लगातार जताई जा रही है। जिन मंत्रियों के कैबिनेट से बाहर होने की अधिकतम संभावना है, उनमें धर्मेन्द्र प्रधान का नाम सबसे ऊपर है। प्रधान के अलावा हरदीप सिंह पुरी, रवनीत सिंह बिट्टू, पंकज चौधरी, हर्ष महलहोत्रा और जॉर्ज कुरियन का नाम शामिल है। धर्मेन्द्र प्रधान की जो खामियां गिनाई जा रही हैं उनमें नीट परीक्षा का पेपर लीक होने को सर्वाधिक गंभीर माना जा रहा है। सीबीएसई बोर्ड की कॉपी चेकिंग में गड़बड़ी, यूजीसी इक्विटी गाइडलाइन्स, 2024 में यूजीसी-नीट पेपर लीक और 2020 में आई नई शिक्षा नीति के लागू होने में देरी जैसी वजहें भी प्रधान की मुश्किल बढ़ा रही हैं। और युवाओं पर अपना जादू चलाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी के निशाने पर फिलहाल धर्मेन्द्र प्रधान ही हैं। तो मोदी सरकार भी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रति बहुत कुछ उदार ही नजर आ रही है।
खैर मोदी-शाह की सोच को लेकर कुछ भी कयास लगाना बहुत आसान नहीं है। फिर भी प्रधान पर उनकी मेहरबानी कुछ फीकी सी नजर आ रही है। ऐसे में यह संयोग कॉकरोच जनता पार्टी और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके केडीए मोदी-शाह का यह संभावित फैसला खुशी से भरने वाला माना जा सकता है। पर फिलहाल तो यही मानें कि ऐसी कोई भी खुशी अभी दिपके और कॉकरोच जनता पार्टी के बहुत करीब नहीं है… लेकिन यदि मोदी-शाह ने प्रधान को बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना लिया है, तो कैबिनेट विस्तार में कॉकरोच जनता पार्टी की मांग संयोगवश पूरी हो रही है…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





