भाजपा को हर बार मुसीबत से बाहर निकालने में राहुल गांधी कर रहे मदद!

भाजपा को हर बार मुसीबत से बाहर निकालने में राहुल गांधी कर रहे मदद!

मीडियावाला.इन।

बेंगलुरु। भारतीय जनता पार्टी पर जब भी संकट आया तो विपक्षी कांग्रेस पार्टी में होने के बावजूद राहुल गांधी ने भाजपा की आगे बढ़कर मदद ही की। यह सुनकर आपको ताज्जुब जरुर होगा लेकिन यह सच है कि भाजपा पर जब-जब मुसीबत में फंसी राहुल गांधी ने उसे उसे बचाया। आइए जानते हैं कब और कैसे ?

आपको तो मालूम ही होगा कि पिछले दो दिनों से कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने बयान से एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हर बार की तरह वह इस बार भी सुर्खियों में अपने किसी राजनीतिक उपलब्धि के लिए नहीं बल्कि एक बार फिर अपने विवादित बयान के कारण हैं। जिसको लेकर संसद के शीतकालीन सत्र से लेकर सियासी गलियारों में हंगामा मचा हुआ है।

मेक इन इंडिया नहीं रेप इन इंडिया
राहुल गांधी ने भाजपा को दिया ये मौका

दरअसल झारखंड में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा पीएम मोदी के देशव्‍यापी महत्वाकांक्षी मेक इंडिया प्राजेक्‍ट को रेप इंडिया में तब्दील कर दिया हैं। हैदाबाद डाक्‍टर गैंगरेप और हत्‍या और देश में हाल में बढ़ रही रेप की घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए कहा।

'मेक इन इंडिया नहीं रेप इन इंडिया'

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं से विश्‍व स्‍तर पर भारत की इमेज को धूमिल करने का कर रही है। भले ही राहुल ने महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराध को संज्ञान में लेते हुए बात कही लेकिन जिन शब्दों का राहुल गांधी ने इस्‍तेमाल किया उससे सत्ताधारी भाजपा को राहुल गांधी की आलोचना का एक और मौका मिल गया। पिछले दिनों देश भर में हुई रेप की घटनाओं पर जहां भाजपा की मुसीबत बढ़ती नजर आ रही थी लेकिन राहुल गांधी के इस बयान ने भाजपा को कांग्रेस पर चढ़ाई करने का मौका दे दिया।

 

स्‍मृति ईरानी ने राहुल के बयान पर ऐसे किया घेराव
राहुल के बयान पर स्‍मृति ईरानी ने घेरा

राहुल द्वारा 'रेप इन इंडिया' बयान और पीएम मोदी पर उनके आरोपों के बाद भाजपा सांसद स्मृति ईरानी ने कहा है कि ये इतिहास में वो पहला मौका है जब कोई नेता इस बात को बहुत साफ़ लहजे में कह रहा है कि भारतीय महिलाओं का बलात्कार होना चाहिए। भाजपा सांसद स्‍मृति ईरानी समेत भाजपा के अन्‍य नेता लगातार मांग कर रहे है कि राहुल गांधी अपने इस बयान के लिए माफी मांगे। लेकिन राहुल गांधी माफी मांगने से साफ साफ इंकार कर चुके हैं।

 

बयान बना एक बार फिर मुद्दा
राहुल की बयान को भाजपा ने बनाया मुद्दा

अपने दिए गए बयान के समर्थन में राहुल गांधी ने पीएम मोदी के 2014 के आम चुनाव के समय का एक भाषण का हवाला दिया है जिसमें मोदी ने दिल्ली को रेप कैपिटल कहा था। भाजपा की आलोचना पर राहुल ने कहा है कि, ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी वाले हल्ला कर रहे हैं। मेक इन इंडिया की बात प्रधानमंत्री ने की थी तो मैंने रेप इन इंडिया कहा है।

राहुल गांधी ने वो विडियो भी ट्ववीट किया जिसमें पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने दिल्ली को रेप कैपिटल ऑफ इंडिया बताया था। अपनी सफाई में राहुल गांधी ने नागरिकता संशोधन बिल का भी हवाला दिया है और कहा है कि, 'नॉर्थ ईस्ट को जला दिया है। इस बवाल, बेरोजगारी और मंदी से ध्यान भटकाने के लिए हमारे बयान को मुद्दा बनाया जा रहा है लेकिन मैं इनसे कभी माफी नहीं मांगूंगा।

 

राहुल गांधी की हुई दुगर्ति
इस बयान पर भी राहुल की दुगर्ति

इस पूरे मामले पर जो कुछ भी हुआ उसमें हमेशा की तरह दुगर्ति राहुल गांधी की ही हो रही हैं। अगर राहुल गांधी के राजनीति करियर की बात की जाए तो ऐसा लगता है उनकी राजनीतिक दशा शापित है। जब भी वह कुछ अच्‍छा करने जाते है लेकिन उनका भाग्य ही कुछ ऐसा है कि लेने के देने पड़ जाते हैं और सब कुछ उल्टा पुल्टा हो जाता है। जिससे वह कांग्रेस की डूबती नैय्या को पार लगाने में मदद करने के बजाय अपने बयानों के जरिए उसे डूबने के लिए और पीछे से धक्का देने का काम कर आते हैं। राहुल बयान के पिछले बयानों पर भी जरा गौर करिए जिसके द्वारा उन्‍होंने भाजपा की मदद की और अपने और कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ा ली।

 

साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर पर राहुल गांधी का बयान
साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर पर राहुल के इस बयान ने भी की थी भाजपा की मदद

नवंर माह में भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा को आतंकवादी कहकर राहुलगांधी ने न सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी को एक बड़ी मुसीबत में डाल दिया था। बता दें साध्वी प्रज्ञा ने संसद सत्र के दौरान महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहा था।साध्वी के गोडसे को देशभक्त बताने के बाद भाजपा की तीखी आलोचना हुई थी और भाजपा की मुश्किल बढ़ गयी थी। यहां तक कि बाद में मामला इस हद तक बढ़ गया था कि प्रज्ञा को अपने स्टेटमेंट पर माफ़ी मांगनी पड़ी थी।

अभी ये सब चल ही रहा था कि मामले को लेकर राहुल गांधी ने ट्वीट कर दिया। जिसमें राहुल ने लिखा कि आतंकी प्रज्ञा, आतंकी गोडसे को देशभक्त बता रही है। इतिहास में ये एक दुखद दिन है बताया।जिसके बाद भाजपा ने राहुल गांधी पर जबरदस्‍त चढ़ायी कर दी। भाजपा समेत सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने राहुल गांधी से अपने इस बयान के लिए माफी मांगने के लिए कहा। हालांकि इस बार की तरह राहुल गांधी ने माफी नही मांगी।

 

राफेल डील पर राहुल का बयान
राफेल पर राहुल के बयान ने भी भाजपा की थी मदद

आपको याद हो तो 2019 के आम चुनाव के पहले राहुल गांधीन ने अपने अलग अलग मंचों से राफेल पर सरकार को घेरने का काम किया था। तब न सिर्फ भाजपा बल्कि सुप्रीम कोर्ट तक ने उनकी कड़ी फटकार लगाई थी। इतना ही नहीं चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने राफेल का मुद्दा उठते हुए पीएम मोदी का नाम लिए बिना कहा था कि देश का चौकीदार चोर है। राहुल गांधी के इस बयान को भाजपा ने आम चुनाव में खूब भुनाया था। याद करिए तो आम चुनाव से पहले सोशन मीडिया पर हां मैं चौकीदार हूं की लहर सी बह गयी थी। देश भर में भाजपा के समर्थकों ने इसे ही स्‍लोगन बना कर मोदी के पक्ष में जमकर प्रचार हुआ। जिसका नजीता आम चुनाव में मोदी को मिली ऐतिहासिक सफलता के रुप में सबके सामने हैं। ऐसे में अब राहुल गांधी को इस देश की जनता और भाजपा तक गंभीरता से लेंगे इसका फैसला वक़्त करेगा। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में राहुल गांधी के अच्छे दिन मुश्किल ही नहीं नामुमकिन दिख रहे हैं क्योंकि उनका राजीनीति में नामसमझी भरा कदम पर उनके आड़े आ रहा हैं।

 

source: oneindia.com

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