अपने नाम से 'Fair' शब्द हटाएगी Fair & Lovely, जानिए कंपनी ने क्यों लिया ये फैसला

अपने नाम से 'Fair' शब्द हटाएगी Fair & Lovely, जानिए कंपनी ने क्यों लिया ये फैसला

मीडियावाला.इन।

कोई कंपनी अलग-अलग तरह के तेल के जरिए काले घने बाल होने का दावा करती है. तो कई कंपनियां ऐसी हैं जो किसी को हफ्तों में गोरा बनाने की बात करती हैं. ऐसी कंपनियों में से एक है ग्लोबल कंज्यूमर कंपनी यूनीलीवर (Unilever). यही कंपनी है जो कि अपनी फेयर एंड लवली (Fair & Lovely) क्रीम के जरिए देश में गोरा रंग पाने वालों को बेवकूफ बनाती है.

स्किन कलर को लेकर लगे भेदभाव के आरोप

फेयर एंड लवली पर कई बार स्किन कलर को लेकर भेदभाव करने के भी आरोप लग चुके हैं. दशकों से स्टीरिोटाइप के आरोप कंपनी पर लगते रहे हैं. अब कंपनी ने इस गोरा करने का दावा करने वाली क्रीम को लेकर एक बहुत बड़ा फैसला लिया है.

कंपनी फेयर एंड लवली के नाम से 'फेयर' हटाकर क्रीम का दूसरा नाम रखने जा रही है. कहा जा रहा है कि कंपनी ने यह फैसला दुनिया भर में रंगभेद को लेकर उठ रही आवाजों के बाद लिया है.

रेगुलेटरी अप्रूवल के बाद होगा नाम में बदलाव

Unilever इंडियन सब्सिडियरी कंपनी Hindustan Unilever की ओर से एक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि क्रीम का नया नाम मंजूरी मिलने के बाद लॉन्च किया जाएगा. कंपनी ने कहा कि वो अपने ब्रांड के नाम से 'Fair' शब्द का इस्तेमाल करना बंद कर रहे हैं. कंपनी ने ब्रांड के नए नाम के लिए अप्लाई किया. इसके लिए फिल्म रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं मिला है.

बताते चलें कि Hindustan Unilever ने साल 1975 में फेयर एंड लवली क्रीम लॉन्च की थी. देश के 50 फीसदी से ज्यादा लोग ऐसे हैं जो कि इस क्रीम का इस्तेमाल करते हैं. यह क्रीम कई विज्ञापनों के माध्यम से गहरे रंग की स्किन को गोरा करने का दावा करती आई है. पर कंपनी पर लगातार रंगभेद और स्टीरियोटाइप के आरोप लगते रहे हैं.

TV9BharatVarsh via Dailyhunt

RB

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