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Smart PDS: MP में अगले महीने से Smart PDS- रुट आॅप्टिमाइजेशन, GPS से लाखों की बचत

Smart PDS: MP में अगले महीने से Smart PDS- रुट ऑप्टिमाइजेशन, GPS से लाखों की बचत

भोपाल: मध्यप्रदेश में अगले एक मई से Smart PDS (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) लागू होगी। इसके बाद मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी के लिए एक जैसा सिस्टम हो जाएगा। इससे पीडीएस में फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और गोदाम,दुकान, हितग्राहियों की मानीटरिंग हो सकेगी।वहीं गोदाम से उचित मूल्य दुकान के बीच दूरी कम करने रुट आॅप्टीमाइजेशन और वाहनों पर जीपीएस लगाकर खाद्य विभाग ने लाखों की बचत की है।

केन्द्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली में स्मार्ट पीडीएस सिस्टम लागू कर रही है। इस सिस्टम में देश के सभी राज्यों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी एक जैसे प्लेटफार्म से की जा सकेगी। इसके जरिए पीडीएस में कम्प्यूटराइजेशन, बॉयोमेट्रिक मशीन एक जैसी होंगी। उचित मूल्य की दुकानों को जोड़ना हटाना आॅनलाईन हो सकेगा। इसी तरह पीडीएस का लाभ लेने वाले हितग्राहियों को जोड़ना हटाना आसान हो जाएगा। मृत और दोहरा लाभ ले रहे हितग्राहियों को बाहर किया जा सकेगा।

दो माह में डेढ़ लाख अपात्र हितग्राही हुए पीडीएस से बाहर-
मध्यप्रदेश में पिछले दो माह में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने मृत और दोहरा लाभ ले रहे डेढ़ लाख हितग्राहियों को पीडीएस की पात्रता से बाहर किया है। अब इनके स्थान पर नये पात्र लोगों को जोड़ा जाएगा। इस नये सिस्टम में जेएसओ, इंस्पेक्टर भी जुड़े रहेंगे और वेरीफिकेशन भी आसानी से किया जा सकेगा। इसके लिए सभी पात्र हितग्राहियों के ईकेवायसी तीस अप्रैल तक कराए जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली में राज्य सरकार सभी हितग्राहियों के ईकेवायसी करा रही है। ईकेवायसी के जरिए प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ ले रहे सभी प्रकार के अपात्र हितग्राहियों को चिन्हित कर इन्हें सूची से विलोपित किया जााएगा। इसके बाद केवल पात्र हितग्राहियों को ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ मिलेगा। राज्य स्तर पर भी इसकी निगरानी की जा सकेगी।

मोबाइल एप से ईकेवायसी-
मोबाइल एप से भी ईकेवायसी की सुविधा दी जाएगी। प्रदेश के सभी गांव मोहल्लों में जाकर प्रशासनिक अमला ईकेवायसी कराएगा। ईकेवायसी अभियान के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली का राशन वितरण प्रभावित नहीं हो यह भी ध्यान रखा जाएगा।

रुट आप्टीमाइजेशन से बचे 26 लाख-
रुट आॅप्टीमाइजेशन(मार्ग अनुकूलन )से खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य सरकार के 26 लाख रुपए की बचत की है। प्रदेश के खाद्य आयुक्त सह संचालक कर्मवीर शर्मा ने बताया कि पहले सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गोदाम और उचित मूल्यों की दुकानें दूर थी। अब गोदाम से पास वाली दुकानों पर वितरण शुरु किया गया है। इससे दूरी घटने से 26 लाख रुपए की बचत हुई है। वहीं पीडीएस का खाद्यान्न परिवहन करने वाले वाहनों पर जीपीएस लगाकर निगरानी की जा रही है। सभी 5 करोड़ 46 लाख परिवारों में से एक सदस्य का आधार अथेंटिकेशन कराते हुए उस सदस्य के जरिए ही सामग्री वितरण कराई जा रही है।