
दक्षिण पन्ना जैवविविधता स्वामित्व रखने वाला सर्वश्रेष्ठ विभाग सम्मान से सम्मानित
गिद्ध संरक्षण, जैवविविधता अभिलेखीकरण, जनभागीदारी आधारित नवाचार सर्पदंश जागरूकता अभियान ने दिलाई पहचान
भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय जैवविविधता दिवस पर भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा घोषित “राज्य स्तरीय वार्षिक जैवविविधता पुरस्कार 2024 एवं 2025” में दक्षिण पन्ना वनमण्डल को “जैवविविधता स्वामित्व रखने वाला सर्वश्रेष्ठ विभाग” श्रेणी में सम्मानित किया गया।
यह पुरस्कार राष्ट्रीय जैवविविधता प्राधिकरण, चेन्नई के अध्यक्ष वीरेंद्र आर तिवारी ने दक्षिण पन्ना के डीएफओ अनुपम शर्मा को प्रदाय किया।
भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) में आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में राष्ट्रीय जैवविविधता प्राधिकरण, चेन्नई के अध्यक्ष वीरेंद्र आर तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भोपाल के निदेशक डॉ. के. रविचंद्रन ने की तथा राष्ट्रीय जैवविविधता प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. बी. बालाजी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

राज्य स्तरीय पुरस्कार दक्षिण पन्ना वनमण्डल की ओर से वनमण्डलाधिकारी अनुपम शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी पवई श्री नितेश पटेल एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी कल्दा परिवेश भदौरिया द्वारा प्राप्त किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल के नामांकन की अनुशंसा जिला कलेक्टर श्रीमती उषा परमार एवं वनमण्डलाधिकारी द्वारा की गई थी।
दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा जैवविविधता संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अनेक अभिनव एवं जनभागीदारी आधारित कार्य किए गए। वनमण्डल द्वारा पक्षियों, तितलियों, औषधीय पौधों, विरासत वृक्षों, प्राकृतिक झिरियों तथा स्थानीय जैविक धरोहरों का व्यापक अभिलेखीकरण एवं दस्तावेजीकरण किया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर जैवविविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए गए।
वल्चर फ्रेंडली गौशाला
गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में दक्षिण पन्ना द्वारा “वल्चर फ्रेंडली गौशाला”, सतत मॉनिटरिंग, प्रतिबंधित दवाइयों की रोकथाम एवं ग्रामीण सहयोग आधारित संरक्षण मॉडल विकसित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दक्षिण पन्ना क्षेत्र में गिद्धों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2021 में जहां गिद्धों की संख्या 614 थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1127 तक पहुँच गई।
सांप-सीढ़ी आधारित शैक्षणिक खेल का अभिनव शुरुआत
मानव-सर्प संघर्ष को कम करने एवं सर्पदंश से बचाव हेतु दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा विशेष “सांप-सीढ़ी” आधारित शैक्षणिक खेल विकसित किया गया। इस नवाचार के माध्यम से हजारों बच्चों एवं ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार एवं वैज्ञानिक जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराई गई। इस पहल से जनजागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा मानव-सर्प संघर्ष संबंधी भ्रांतियों को कम करने में सहायता मिली।
व्यक्तिगत (शासकीय) श्रेणी में दक्षिण पन्ना वनमण्डल के वनरक्षक जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रथम पुरस्कार एवं वनरक्षक वीरेंद्र पटेल को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।





