दिग्गज जिन्होंने दूसरे खेलों में भी आजमाई किस्मत

दिग्गज जिन्होंने दूसरे खेलों में भी आजमाई किस्मत

मीडियावाला.इन।

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर | उसेन बोल्ट, पीटर चेक, इयान बॉथम और माइकल जॉर्डन किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। अपने-अपने खेलों में इन दिग्गजों का शानदार करियर रहा लेकिन ये यहीं नहीं रुके और आगे चलकर दूसरे खेलों में भी अपनी किस्मत आजमाई। इन सबके अलावा कई ऐसे दिग्गज हुए हैं, जिन्होंने दूसरे खेलों में हिस्सा लिया। ऐसी ही कुछ दिग्गजों पर एक नजर :

पीटर चेक (चेल्सी और आर्सेनल के लिए खेल चुके फुटबाल खिलाड़ी) :

इंग्लिश प्रीमियर लीग के शीर्ष क्लबों में से एक चेल्सी और आर्सेनल के लिए खेल चुके चेक गणराज्य के पेटर चेक ने हाल ही में आइस हॉकी की ओर अपना रुख किया है। चेक ने 2018-19 सीजन की समाप्ति के बाद फुटबाल से सन्यास ले लिया था और अब वह आइस हॉकी में अपना जलवा दिखाएंगे।

चेक ने नेशनल आइस हॉकी लीग में खेलने वाली टीम गुइलफोर्ड फीनिक्स के साथ करार किया है। फिनिक्स की टीम ब्रिटिश आइस हॉकी के दूसरे स्तर की लीग में खेलती है।

पीटर ने कहा, "मैं आशा करता हूं कि मैं इस टीम को उसका लक्ष्य हासिल करने में मदद करुंगा। 20 साल तक पेशेवर फुटबाल का अनुभव लेने के बाद एक ऐसे खेल को खेलना बहुत मजेदार होगा जिसमें मैं बचपन से देखा और खेला है। "

चेल्सी के महान गोलकीपर रह चुके चेक अपने करियर के अंतिम कुछ वर्षो में लंदन स्थित क्लब आर्सेनल के लिए भी खेले। चेक ने चेल्सी के साथ चार ईपीएल, पांच एफए कप, तीन लीग कप, एक चैम्पियंस लीग और यूरोपा लीग का खिताब जीता है। वह फिलहाल, चेल्सी के तकनीकी निदेशक हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि वह अपनी नौकरी नहीं बदल रहे हैं बल्कि खाली समय में आइस हॉकी खेलेंगे।

चेक ने कहा, "कुछ लोगों को लगता है कि मैंने अपनी नौकरी बदल ली है। ऐसा नहीं है। सौभाग्य से चेल्सी में मेरा काम मुझे खाली समय में आइस हॉकी खेलने से नहीं रोकता। पेशेवर फुटबाल में होने के कारण मैं यह खेल नहीं खेल सकता था, लेकिन अब मैं ऐसा कर सकता हूं।"

इयान बॉथम (इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेट कप्तान और सर्वकालिक महान हरफनमौला खिलाड़ियों में से एक) :

इंग्लैंड के बॉथम को क्रिकेट के सबसे महान हरफनमौला खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। वह शायद एकमात्र ऐसे क्रिकेटर हैं, जिन्होंने क्रिकेट के साथ-साथ फुटबाल में भी अपनी किस्मत आजमाई।

बॉथम ने 1981 और 1985 में इंग्लैंड को आस्ट्रेलिया के खिलाफ प्रतिष्ठित एशेज सीरीज दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस दौरान इंग्लैंड के फुटबाल क्लब स्कनथ्रॉप युनाइटेड के लिए भी खेले।

बॉथम बचपन से फुटबाल और क्रिकेट दोनों खेलते थे। उन्होंने क्रिकेट को अपने करियर के रूप में चुना, लेकिन फुटबाल को अपने दिल से कभी नहीं निकाल सके। उन्होंने स्कनथ्रॉप युनाइटेड के लिए एक सेंटर हॉफ के रूप में फुटबाल लीग में 11 मैच खेले। बॉथम के नाम टेस्ट क्रिकेट में 8565 रन और 383 विकेट हैं।

उसेन बोल्ट (विश्व रिकार्डधारी दुनिया के महानतम फर्राटा धावक)

बॉथम की तरह जमैका के महान फर्राटा धावक उसेन बोल्ट का भी दूसरा प्यार फुटबाल है। 100 मीटर की रेस को महज 9.58 सेकेंड में पूरा करने का रिकॉर्ड बनाने वाले और आठ बार के ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता बोल्ट ने पिछले साल एथलेटिक्स से सन्यास लेने के बाद पेशेवर फुटबाल में अपनी किस्मत आजमाई।

बोल्ट ने आस्ट्रेलिया की ए-लीग में खेलने वाली टीम सेंट्रल कोस्ट मैरिनर्स के साथ ट्रेनिंग की और एक विंगर के रूप में खेले। उन्होंने मैरिनर्स के लिए एक गोल भी किया, लेकिन क्लब ने उनके साथ पेशेवर करार करने से इंकार कर दिया। इसके बाद, बोल्ट ने पेशेवर फुटबाल से पीछे हट गए।

एंड्रयू फ्लिंटॉफ (इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान)

इंग्लैंड के एक अन्य ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने भी क्रिकेट के अलावा, दूसरे खेल में अपना करियर बनाने का प्रयास किया। 2005 एशेज सीरीज में इंग्लैंड के हीरो रहे फ्लिंटॉफ ने 2010 में क्रिकेट से सन्यास लिया और दो साल बाद बॉक्सिंग रिंग में कदम रखा।

फ्लिंटॉफ ने नवंबर 2012 में अमेरिका के रिचर्ड डॉसन से प्रतिस्पर्धा की। इंग्लैंड के खिलाड़ी को मुकाबले में हार झेलनी पड़ी और वह दोबारा रिंग में नहीं उतरे। फ्लिंटॉफ के नाम टेस्ट क्रिकेट में 6197 रन और 226 विकेट हैं।

माइकल जॉर्डन (महानतम बास्केटबॉल खिलाड़ियों में से एक)

जॉर्डन का नाम वो इंसान भी जानता है जो अमेरिका में खेली जाने वाली बास्केटबॉल लीग-एनबीए नहीं देखता। शिकागो बुल्स से खेल चुके अमेरिका के करिश्माई बास्केटबॉल खिलाड़ी जॉर्डन 1994 में पहली बार खेल से सन्यास लेने की घोषणा की। इसके चार महीने बाद, उन्होंने बेसबॉल टीम शिकागो व्हाइट शॉक्स के साथ करार किया।

वह शॉक्स के सम्बद्ध क्लब बर्मिघम बैरन के लिए खेले। वह 127 मैचों में केवल तीन होम रन ही मार पाए और बेसबॉल में उनका करियर समाप्त हो गया। जॉर्डन अमेरिका के लिए बास्केटबॉल में ओलम्पिक गोल्ड भी जीत चुके हैं और उन्होंने इस खेल से तीन बार खेल से सन्यास लिया।

जस्टिन गैटलिन (अमेरिका के विश्व विजेता फर्राटा धावक)

अमेरिका के स्टार धावक और हाल में समाप्त हुए विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाले जस्टिन गैटलिन पर डोपिंग के कारण 2006 में चार साल का प्रतिबंध लगा था। 100 मीटर में बोल्ट के प्रतिद्वंद्वी रहे गैटलिन ने इस दौरान अमेरिकन फुटबॉल खेला। उन्होंने एनएफएल की टीम 'ह्यूस्टन टैक्सन्स के साथ ट्रेनिंग की और टैम्पा बे बुकानीर्स के लिए ट्रायल भी दिए।

हालांकि, टैम्पा की टीम ने उनके साथ करार नहीं किया और गैटलीन बैन समाप्त होने के बाद ट्रैक पर वापस आ गए।

पाब्लो माल्दीनी (दुनिया के बेहतरीन फुटबाल डिफेंडरों में से एक)

इटली के दिग्गज क्लब एसी मिलान से खेल चुके पाब्लो माल्दीनी को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर माना जाता है। माल्दीनी ने इटली के क्लब के लिए 25 सीजन में कुल 902 मैच खेले और पांच बार यूरोपीय चैम्पियंस लीग का खिताब भी जीता।

वह हमेशा शौक के तौर पर टेनिस खेलते थे और फुटबाल से सन्यास लेने के बाद उन्होंने पेशेवर टेनिस में कदम रखने का मन बनाया। वह मिलान में हुए एटीपी चैलेंजर टूर्नामेंट में युगल वर्ग में खेले, लेकिन केवल 43 मिनट में 1-6, 1-6 से मैच हार गए।

इस हार ने उनके पेशेवर टेनिस करियर को भी समाप्त कर दिया।

Dailyhunt

0 comments      

Add Comment