स्मैक रखने वाले 2 आरोपियों को 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास, 50-50 हजार रुपए अर्थदंड!

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स्मैक रखने वाले 2 आरोपियों को 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास, 50-50 हजार रुपए अर्थदंड!

Ratlam : विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट जावरा जंगबहादुरसिंह राजपूत की न्यायालय ने 100 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ स्मैक (ब्राउन शुगर) रखने मामले में राजस्थान प्रतापगढ़ थाना रठाजना ग्राम कनोरा निवासी फैय्याज पिता सिकंदर पठान एवं रतलाम के चिंगीपुरा निवासी तारीक पिता याकुब अली सैय्यद को दोषी करार देते हुए 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 50-50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

 

24 सितंबर 2020 को थाना जावरा शहर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रतलाम निवासी जफर तथा उसका साथी मेवातीपुरा स्थित जेल के पीछे मैदान में स्मैक लेने पहुंचे हैं और राजस्थान के प्रतापगढ़ से 1 व्यक्ति इन्हें स्मैक देने आने वाला है।

 

सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर रैकी की कुछ समय बाद मोटरसाइकिल से फय्याज वहां पंहुचा और वहां पर पहले पंहुच चुके जफर व तारीक से बातचीत करते हुए जेब से एक थेली निकालकर उन्हें दिखाई। इसी दौरान पुलिस ने घेराबंदी करते हुए तीनों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान फय्याज के कब्जे से थेली में रखी हुई 100 ग्राम स्मैक बरामद हुई जिसे पुलिस ने जब्त करते हुए प्रकरण दर्ज किया गया। न्यायालय में केस चलने के दौरान सह-आरोपी जफर पिता मोहम्मद शेरानी निवासी शेरानीपुरा की मौत हो गई थी। प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेज एवं मौखिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने फय्याज और तारीक को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। प्रकरण में शासन की और से पैरवी विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार पारस एवं अपर लोक अभियोजक गगन श्रीमाल ने की!