
Chaos During Administrative Action in Ratlam : निवेश क्षेत्र की भूमि मुक्त कराने पहुंचे प्रशासनिक अमले पर पथराव, आंसू गैस के गोले छोड़े, 3 पुलिसकर्मी घायल, 2 दर्जन से अधिक ग्रामीण हिरासत में!

Ratlam : जिले के ग्राम पलसोड़ी सहित आसपास के 4-5 गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर भूमि को औद्योगिक निवेश क्षेत्र में शामिल किए जाने का ग्रामीण लंबे समय से इस परियोजना का विरोध कर रहें हैं। शुक्रवार को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब प्रस्तावित औद्योगिक निवेश क्षेत्र में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अमले पर ग्रामीणों ने उग्र विरोध करते हुए पथराव कर दिया। पथराव में 1 महिला पुलिसकर्मी सहित 3 जवान घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। पुलिस ने हंगामा और पथराव करने वाले करीब 2 दर्जन से अधिक ग्रामीणों को हिरासत में लिया है।

आपको बता दें कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे शहर एसडीएम आर्ची हरित, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, आरआई विक्की ठाकुर और 10 पटवारियों का दल भारी पुलिस बल के साथ पलसोड़ी पहुंचा था। प्रशासन के साथ 2 पोकलेन मशीन, 2 जेसीबी, 5 डंपर और ट्राले भी थे। जैसे ही एक्सेस रोड के निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, बड़ी संख्या में ग्रामीण और आदिवासी वहां एकत्र हो गए और विरोध करने लगे। अधिकारियों ने पहले ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें आश्वस्त किया कि वर्तमान में केवल एक्सेस रोड का काम किया जा रहा है और किसी के आवास या कृषि भूमि को प्रभावित नहीं किया जा रहा है।

तमाम समझाइश के बावजूद जब सहमति नहीं बनी तो पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेना शुरू किया। इसी बीच आक्रोशित भीड़ ने अचानक पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव करना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पथराव में 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
आंसू गैस के गोलों से नियंत्रित हुई स्थिति!
हालात बिगड़ते देख सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के निर्देश पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई और स्थिति पर काबू पाया जा सका। एहतियात के तौर पर मौके पर फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस भी तैनात की गई थी। कार्रवाई के दौरान औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी गायत्री सोनी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और माणक चौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान सहित 100 से अधिक पुलिसकर्मी वज्र वाहन के साथ तैनात रहें।
क्या वजह रही विरोध की?
पलसोड़ी सहित आस-पास के 4-5 गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर भूमि को औद्योगिक निवेश क्षेत्र में शामिल किया गया है। ग्रामीण लंबे समय से इस परियोजना का विरोध कर रहें हैं। उनका आरोप है कि इस परियोजना के आने से उनकी उपजाऊ कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्र पूरी तरह प्रभावित होंगे, जिससे उन्हें बड़े पैमाने पर विस्थापन का सामना करना पड़ेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी!
पलसोड़ी क्षेत्र में भूमि आवंटन के बाद एक्सेस रोड (पहुंच मार्ग) के निर्माण की कार्रवाई की जा रही थी। ग्रामीणों को विस्तार से समझाया गया था कि इस कार्रवाई से किसी की निजी कृषि भूमि या आवास को नुकसान नहीं पहुँचाया जा रहा है और उन्हें भविष्य में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी बताया गया। इसके बावजूद कुछ तत्वों द्वारा अचानक पथराव शुरू कर दिया गया, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने उपद्रव करने वाले करीब 40 से 50 संदिग्धों को चिह्नित कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।एसडीएम आर्ची हरित!





