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मध्यप्रदेश की ई-समन प्रणाली को केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सराहा!

मध्यप्रदेश की ई-समन प्रणाली को केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सराहा!

– अरुण पटेल

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस बात से काफी सुकून मिला होगा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ई-समन व्यवस्था लागू किए जाने की सराहना की और इसके साथ ही अन्य राज्यों को भी इस पर अमल करने की सलाह दी। इस प्रकार मोहन यादव सरकार केन्द्र की नजर में सराहनीय कार्य कर रही है और जहां जरुरी है वह आवश्यक कदम उठा रही है। तीन आपराधिक कानूनों में मध्यप्रदेश सरकार के कामकाज की समीक्षा के दौरान अमित शाह की बॉडी लैंग्वेज से यही प प्रदर्शित हो रहा था कि मोहन यादव पर उनका वरदहस्त है और वह उनके द्वारा उठाये जाने वाले कदमों को उचित मानते हैं।

मध्यप्रदेश की ई-समन व्यवस्था को अन्य राज्यों को भी अपनाने का परामर्श उन्होंने दिया। ऐसा माना जाता है कि अमित शाह ने मध्यप्रदेश में लागू नये आपराधिक कानूनों की एक प्रकार से समीक्षा की और उसमें उन्होंने पाया कि यह अपने आप में एक मॉडल व्यवस्था है। मध्यप्रदेश ई-समन प्रणाली लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है और न केवल पहला राज्य बना बल्कि उसने जो कदम उठाये उसे केंद्रीय गृहमंत्री का समर्थन भी मिला है।

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मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की ओर से दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री से हुई अपनी मुलाकात के दौरान उन्होंने कानूनों के परिपालन पर एक रिपोर्ट भी पेश की जिसमें बताया कि नये आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बड़े स्तर पर प्रशिक्षण दिलवा रहे हैं। इसका एक अर्थ यह भी निकलता है कि मोहन यादव केवल कानून में संशोधन कर चुप बैठने वाले नहीं बल्कि उसका परिपालन भी सही ढंग से हो इसकी माकूल व्यवस्था भी कर रहे हैं। कानून में शामिल सभी बिन्दुओं पर तेजी से अमल किया जा रहा है। यादव ने बताया कि ई-समन व्यवस्था को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।

मोहन यादव ने जो प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया उसमें यह रेखांकित किया गया है कि आधुनिकतम संसाधनों के प्रयोग से इलेक्ट्रानिक साक्ष्य के आधार पर प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है। इस व्यवस्था से न्याय प्रक्रिया आसान हुई है तथा पुलिस का समय भी बच रहा है। अमित शाह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को महीने में एक बार मुख्य सचिव को 15 दिन में और पुलिस महानिदेशक को सप्ताह में एक बार संबंधित विभागों के अफसरों के साथ नये कानून की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उनकी अपेक्षा थी कि राज्य के पुलिस महानिदेशक सभी पुलिस कर्मियों को समय पर न्याय दिलाने के लिए संवेदनशील बनायें। इसका मतलब साफ है कि शाह ने यह स्पष्ट रुप से जता दिया है कि पुलिसकर्मी अपना पुराना ढर्रा बदलें और उनका रवैया ऐसा होना चाहिये जिससे लोगों को लगे कि उन्हें समय पर न्याय मिल रहा है।

केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कड़े व स्पष्ट निर्देश देते हुए इस बात पर जोर दिया है कि नये कानूनों को शत -प्रतिशत लागू किया जाए तथा आतंकवाद और संगठित अपराधों से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज करने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले का मूल्यांकन किया जाए। जीरो पर की गईं कितनी एफआईआर नियमित में बदलीं इसकी भी निरन्तर निगरानी की जाए और सीसीटीएनएस के जरिये दो राज्यों के बीच एफआईआर ट्रांसफर करने की व्यवस्था का पालन हो।

शाह ने यह भी निर्देश दिया कि एक से अधिक फोरेंसिक साइंस मोबाइल वेन उपलब्ध कराई जायें तथा अस्पतालों और जेलों पर्याप्त संख्या क्यूबिकल विकल्प बनाये जायें ताकि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये साक्ष्य दर्ज कराने में मदद मिल सके। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुडे मामलों में आरोपित ऐसे भगोड़ों के खिलाफ अनुपस्थिति में परीक्षण की शुरुआत करें जो लम्बे समय से फरार हैं। पूछताछ के लिए हिरासत में रखे गये लोगों की जानकारी इलेक्ट्रानिक डेशबोर्ड पर उपलब्ध होना चाहिये। सूची और अदालत में भेजे जाने वाले मामलों की जानकारी भी डेशबोर्ड बताये। फारेंसिंक विज्ञान के जानकार अधिकारियों की भर्ती के लिए मध्यप्रदेश नेशनल फारेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी से समझौता किया जाए।

 

आमने-सामने भिड़ते भूपेंद्र और हेमंत

पूर्व मंत्री और सागर जिले की खुरई विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक भूपेन्द्र सिंह और मध्यप्रदेश विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे इन दिनों आमने-सामने आकर एक-दूसरे से भिड़न्त करने की मुद्रा अख्तियार किए हुए हैं। भूपेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर अटेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के विरुद्ध प्रकरणों तथा उनके भाई योगेश के आपराधिक मामलों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि हेमंत कटारे के प्रकरण में एफएसएल रिपोर्ट को पॉजिटिव से निगेटिव में बदलने की निष्पक्ष जांच कराई जाये। भूपेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि योगेश कटारे पर 35 आपराधिक प्रकरण चल रहे हैं।

दूसरी ओर हेमन्त कटारे ने भूपेंद्र सिंह के आरोपों के जवाब में कहा है कि जिस युवती का उपयोग कर मुझे झूठे केस में फंसाने का काम किया गया था उस एफआईआर को हाईकोर्ट निरस्त कर चुका है। युवती ने शपथपत्र देकर साजिश को उजागर किया था। कटारे ने आरोप लगाया कि जब केस दर्ज हुआ था तब भूपेंद्र सिंह ही गृहमंत्री थे और उनके इशारे पर ही एफआईआर हुई थी। हेमंत कटारे ने भूपेंद्र सिंह को सलाह दी है कि महिलाओं की आड़ लेकर राजनीति न करें और सामने आकर लड़ें, शायद भूपेंद्र सिंह को नियम, कानून का ज्ञान नहीं है, ज्ञान होता तो इस तरह का पत्र नहीं लिखते। भाई पर लगे आरोपों के संबंध में उन्होंने कहा कि यदि 35 अपराधों की सूची देते हैं तो राजनीति से सन्यास ले लूंगा।

कटारे ने भूपेंद्र सिंह पर जो आरोप लगाये हैं उससे संबंधित तथ्यों के दस्तावेज भी दिये हैं, और इसी आधार पर उन्होंने सिंह को सन्यास लेने की सलाह दी है साथ ही कटारे ने उन लगाये लगाये गये आरोपों की तथ्यात्मक जानकारी देने की मांग की है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि आपकी सरकार है कार्रवाई कीजिए और सस्ती लोकप्रियता के लिए झूठे आरोप न लगायें। परिवहन घोटाले के बारे में कटारे ने सिंह से कहा है कि अब आपको राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिये क्योंकि मैंने आपकी नोटशीट भी आपको दिखा दी है। संन्यास सम्मानपूर्वक होना चाहिए, मैं भी शामिल होने आऊंगा।

 

… और यह भी

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता सांसद दिग्विजय सिंह ने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के लोगों को समझाया है कि केवल नारे लगाकर भाजपा और आरएसएस से नहीं लड़ सकते हैं। इसके लिए संघर्ष करना होगा। राजनीतिक जीवन कठोर होता है और लाखों में सौ-दो सौ ही सफल हो पाते हैं। हम उस देष के लोग हैं जिसमें सनातन सबसे पुराना धर्म है और जो सभी धर्मों का सम्मान करने वाला है। कार्यकर्ताओं को उन्होंने सफल होने का मंत्र देते हुए कहा कि संपर्क, संवाद, संयम, सामंजस्य और सकारात्मकता को अपनायें। इस प्रकार उनके पांच सूत्रीय मंत्र पर कार्यकर्ता कितना अमल करते हैं यह आने वाले समय में ही पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि रिटायर्ड प्रोफेसर, प्रचार्य और शिक्षाविदों को अपने कार्यक्रमों में शामिल करें। स्कूलों से कालेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की हेल्पडेस्क लगाकर मदद करना संगठन का उद्देश्य होना चाहिये।