UP Election : ‘अपना दल’ MLA चौधरी अमर सिंह ने भी इस्तीफा दिया, सपा में शामिल होंगे

हाथरस के बीजेपी MLA हरिशंकर माहौर का फर्जी इस्तीफ़ा वायरल

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Lucknow : UP में भाजपा के सहयोगी अपना दल-एस (Apna Dal-S) के शोहरतगढ़ MLA चौधरी अमर सिंह (Chaudhry Amar Singh) ने गुरुवार शाम पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात करने के बाद यह फैसला किया। आज शुक्रवार को वे अपने समर्थकों के साथ SP की सदस्यता लेंगे। इसके साथ ही हाथरस के बीजेपी MLA हरिशंकर माहौर का फर्जी इस्तीफा वायरल हुआ, जिसका उन्होंने खंडन किया है।

पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने बताया कि वे भाजपा सरकार की गलत नीतियों से परेशान थे और घुटन महसूस कर रहे थे। शासन-प्रशासन से भी उन्हें उपेक्षित किया जाता रहा है। किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। धान क्रय केंद्रों पर किसानों को उचित मूल्य भी नहीं मिल रहा था। महंगाई और बेरोजगारी के चलते जनता त्रस्त हो चुकी है। जनता से पूछकर उन्होंने यह निर्णय लिया है।

Apna Dal के MLA चौधरी अमर सिंह ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि अभी और लोग पार्टी छोड़कर हमारे साथ आएंगे। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपना इस्तीफा दे दिया है। अब अखिलेश यादव से मुलाकात की और उनके साथ जुड़ूंगा।’ उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा ‘यह सरकार झूठी है। यहां कोई विकास नहीं हुआ है। जल्द ही और लोग हमारे साथ जुड़ेंगे।’ अमर सिंह उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले की 17वीं विधान सभा के सदस्य हैं। वह उत्तर प्रदेश के शोहरतगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं।

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फर्जी इस्तीफा वायरल
भाजपा में चल रही उठापटक के बीच गुरुवार को हाथरस में भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। भाजपा से सदर विधायक हरिशंकर माहौर के इस्तीफे का पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने लगा। इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। MLA ने इस इस्तीफे का खंडन किया है और इस संबंध में जांच कराने की बात कहते हुए कोतवाली हाथरस गेट में तहरीर दे दी है।
भाजपा से सदर विधायक हरिशंकर माहौर का शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया पर इस्तीफे का पत्र वायरल हुआ।

पत्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाम है। इसमें लिखा है कि ‘भाजपा की प्रदेश सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में ब्राह्मण, दलित, पिछड़ा समुदाय के नेताओं को कोई तवज्जो नहीं दी, न उन्हें कोई उचित सम्मान दिया गया। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों, छोटे लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षा की है।
प्रदेश सरकार के कूटनीतिक रवैये के कारण मैं भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देता हूं।’ पत्र के अंत में विधायक के हस्ताक्षर भी हैं और 13 जनवरी की दिनांक है। यह पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने से सियासी भूचाल आ गया। तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। उनका कहना है ‘जो पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह पूरी तरह से फर्जी है। मैं इसका खंडन करता हूं। पत्र पर मेरे हस्ताक्षर भी फर्जी हैं। पत्र के संबंध में एसपी से शिकायत कर जांच कराऊंगा। तहरीर कोतवाली हाथरस गेट में दे दी है।