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Where is Prison for Transgenders : जेल प्रशासन के लिए किन्नरों की जेल में एंट्री बनी चुनौती, व्यवस्था ही नहीं!

न पुरुष बैरक, न महिला बैरक, थर्ड जेंडर के लिए कामचलाऊ व्यवस्था बनाई!

Where is Prison for Transgenders : जेल प्रशासन के लिए किन्नरों की जेल में एंट्री बनी चुनौती, व्यवस्था ही नहीं!

Ujjain : मक्सी-शुजालपुर रेल मार्ग पर एक महीने पहले ट्रेन में यात्री से मारपीट करने वाले चार किन्नरों को जब कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया, तो भैरवगढ़ केंद्रीय जेल प्रशासन असमंजस में पड़ गया। कारण यह कि गिरफ्तार चारों में एक मेल किन्नर, एक फीमेल किन्नर और दो थर्ड जेंडर पंजीकृत सदस्य शामिल हैं। सवाल यह उठा कि इन्हें पुरुष बैरक में रखा जाए या महिला बैरक में!

जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार के अनुसार, फ्रीगंज शुजालपुर निवासी मुस्कान गुरु डोली, करिश्मा गुरु मुस्कान, राजेंद्र और पिपलिया निवासी शुभम ने ट्रेन में यात्री से मारपीट की थी। आरोप सिद्ध होने पर कोर्ट ने 30 जून को चारों को जेल भेजने के आदेश दिए। जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि जब चारों को जेल लाया गया, तो प्रारंभिक जांच में सामने आया कि एक मेल किन्नर और एक फीमेल किन्नर हैं। ऐसे में न तो उन्हें पुरुष बैरक में रखा जा सकता था और न महिला बैरक में। इससे निजता, सुरक्षा और सामाजिक मर्यादा के प्रश्न खड़े हो गए।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन ने सभी को जेल के भीतर एक अलग कक्ष में अस्थायी रूप से रखा है। यहां न तो पुरुष बंदी हैं और न महिलाएं। साहू ने बताया कि पहले से जेल में एक किन्नर बंद है, अब तीन और बढ़ने से थर्ड जेंडर के लिए विशेष व्यवस्था बनाना अनिवार्य हो गया।