
थोक महंगाई दर में उछाल: मार्च में बढ़कर 3.88 प्रतिशत पहुंची!
दिल्ली। देश में थोक और खुदरा महंगाई के मोर्चे पर आम जनता को झटका लगा है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च महीने में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर बढ़कर 3.88 प्रतिशत हो गई है, जो फरवरी में 2.13 प्रतिशत के स्तर पर थी। थोक महंगाई में यह वृद्धि मुख्य रूप से कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और खाद्य पदार्थों की कीमतों में आए उछाल के कारण दर्ज की गई।
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में फरवरी के मुकाबले 4.13 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। विशेष रूप से खनिज तेल की कीमतों में 8.77 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई। हालांकि, बिजली की कीमतों में 5.07 प्रतिशत की गिरावट ने कुछ राहत जरूर दी है।
विनिर्माण क्षेत्र की बात करें तो 22 में से 16 समूहों की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि छह में गिरावट आई है। थोक खाद्य महंगाई दर मार्च में 1.85 प्रतिशत के साथ अपने पुराने स्तर पर स्थिर रही। पहले सोमवार को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए थे। मार्च में खुदरा महंगाई दर सालाना आधार पर 3.4 प्रतिशत रही, जो फरवरी के 3.21 प्रतिशत से अधिक है।
ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई 3.63 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 3.11 प्रतिशत दर्ज की गई है। खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से खाद्य महंगाई दर भी फरवरी के 3.47 प्रतिशत से बढ़कर मार्च में 3.87 प्रतिशत पर पहुंच गई है।महंगाई के आंकड़ों में वस्तुओं के दाम में भारी अंतर देखा गया है। प्याज (-27.76 प्रतिशत), आलू (-18.98 प्रतिशत) और लहसुन (-10.18 प्रतिशत) जैसी सब्जियों की कीमतों में सालाना आधार पर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे रसोई के बजट को कुछ सहारा मिला। वहीं दूसरी ओर, आभूषणों और कुछ सब्जियों ने महंगाई को हवा दी है। चांदी की ज्वेलरी की कीमतों में 148.61 प्रतिशत और सोने-हीरे के आभूषणों में 45.92 प्रतिशत का भारी उछाल आया है। इसके अलावा कोपरा, टमाटर (35.99 प्रतिशत) और फूलगोभी (34.11 प्रतिशत) भी काफी महंगे हुए हैं।




