
छतरपुर में जनसुनवाई के बाहर महिलाओं का भजन-कीर्तन कर अनोखा विरोध, रघुपति राघव राजा राम” से गूंजा परिसर..
वार्ड 35 की महिलाओं ने नाली निर्माण और बिजली समस्या को लेकर दिया ज्ञापन..
छतरपुर। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई उस समय चर्चा का केंद्र बन गई जब वार्ड नंबर 35 की दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने अपनी समस्याओं को लेकर न केवल प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, बल्कि जनसुनवाई कक्ष के बाहर बैठकर भजन-कीर्तन कर अनोखा विरोध भी दर्ज कराया।

महिलाओं ने “रघुपति राघव राजा राम” का भजन गाकर नगरपालिका और जिला प्रशासन के लिए सद्बुद्धि की कामना की, जिससे पूरा परिसर कुछ देर के लिए धार्मिक माहौल में बदल गया।
जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 35 (एंजेल स्कूल के पास) की निवासी महिलाएं लंबे समय से नाली निर्माण और बिजली व्यवस्था की समस्या से जूझ रही हैं। मंगलवार को ये महिलाएं जनसुनवाई में पहुंचीं और संबंधित अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए औपचारिक आवेदन भी सौंपा।

नाली और जल निकासी व्यवस्था न होने से परेशान हैं वार्डवासी..
ज्ञापन में महिलाओं ने बताया कि उनके मोहल्ले में जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण घरों का गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। इससे पूरे क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना रहता है। लगातार जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है।

वार्ड निवासी दीप्ति पांडे ने बताया कि इस समस्या से सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। सड़क पर जमा गंदे पानी के कारण आवागमन भी बेहद कठिन हो गया है।
जनसुनवाई कक्ष के बाहर बैठकर किया भजन-कीर्तन..
महिलाओं ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने जनसुनवाई कक्ष के बाहर जमीन पर बैठकर शांतिपूर्ण तरीके से भजन-कीर्तन किया और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
महिलाओं के इस अनोखे विरोध ने जनसुनवाई परिसर में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। भजन-कीर्तन और नारेबाजी के चलते कुछ देर के लिए माहौल भावुक और प्रतीकात्मक विरोध में बदल गया।
प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद..
महिलाओं ने कहा कि वे केवल अपने क्षेत्र की मूलभूत सुविधाएं चाहती हैं और उम्मीद करती हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द नाली निर्माण और बिजली व्यवस्था सुधार के निर्देश जारी करेगा। वहीं अब पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।





