
छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: 4 दिन आंधी-तूफान, बिजली और ओलावृष्टि का अलर्ट
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य क्षेत्र में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि बाकी इलाकों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बने रहने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के मध्य क्षेत्र में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अन्य इलाकों में तापमान लगभग स्थिर बना हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है, जिसमें लोगों और किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बनी रह सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। खासतौर पर कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने की भी संभावना जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।तापमान के रुझान पर नजर डालें तो अगले 2 दिनों तक अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 3 दिनों के भीतर तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
वर्तमान में प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जबकि न्यूनतम तापमान दुर्ग में 18.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं ओरछा में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि की सबसे अधिक वर्षा रही।मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। किसानों को भी अपनी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।





