
यज्ञ संस्कृति मनुष्य जीवन के साथ प्रकृति को भी संतुलित करती है – सांसद श्री सुधीर गुप्ता
मंदसौर से वरिष्ठ पत्रकार डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर। पुष्टिमार्ग के प्रवर्तक जगदगुरु श्रीमद् वल्लभाचार्य जी की प्रागट्य महोत्सव जन्म जयंती के अवसर पर जीवागंज स्थित श्री गोवर्धन नाथ मंदिर जीवागंज में विविध आयोजन हुए।
सायंकाल मन्दिर परिसर में आयोजित समारोह में श्रीमद् वल्लभ चरित्र पर केंद्रित प्रस्तुतियों के साथ ही गत वर्ष नगर में संपन्न हुए महासोम यज्ञ पर आधारित स्मारिका “स्मरण में महासोम यज्ञ” का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रेरणा का अवसर है सनातन परंपरा में हम घट-घट में देवों का स्थान मानते हैं। समाज जीवन की आदर्श स्थिति का संकल्प लेते हुए हम सब ने पद्मभूषण पूज्यपाद गोस्वामी वैष्णवाचार्य श्री गोकुलोत्सव जी महाराज के सानिध्य में महासोम यज्ञ संपन्न किया। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन परंपरा में मंदिरों से भी प्राचीन यज्ञ संस्कृति है जो मनुष्य जीवन के साथ ही प्रकृति को भी संतुलित करती है। यह सनातन की श्रेष्ठ है कि हम अपनी-अपनी भक्ति के अलग-अलग मार्ग होते हुए भी ईश्वर में एक जाकर हो जाते हैं।

श्री गुप्ता ने कहा कि परिवार व्यवस्था केवल भारत में ही है क्योंकि हमारी परंपरा यह सिखाती है कि परिवार के संस्कार समाज में और समाज के संस्कार राष्ट्र में संप्रेषित होते हैं जो हमारी परंपराओं को अधिक सुदृढ़ बनाते हैं। यह सब कुछ यज्ञ संस्कृति से ही संभव हो सकता है।
स्मारिका के संपादक वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश जोशी ने कहा कि विगत वर्ष 13 से 18 अप्रैल 2025 में कालाखेत स्थित श्री वल्लभाचार्य नगर में संपन्न महा सोमयज्ञ नगर के धार्मिक आयोजनों की कड़ी में बहुत बड़ा सोपान सिद्ध हुआ। उन क्षणों की अनुपम उपलब्धि को संग्रहित कर
एक पुस्तक के आकार में सहेजने के भाव से इस स्मारिका का प्रकाशन किया गया है। बहुरंगी और यज्ञ विधान जानकारी को समाविष्ट करते हुए लगभग 70 पृष्ठों में प्रस्तुत किया गया है । जो आने वाले समय में नई पीढ़ी को भी प्रेरित करेगी।

उल्लेखनीय है कि दशपुर मंदसौर में कोई 35 वर्षों बाद सोमयज्ञ का 6 दिवसीय विराट आयोजन संपन्न हुआ । पद्मभूषण अंतरराष्ट्रीय विद्वान और संगीतज्ञ आचार्य गोस्वामी डॉ गोकुलोत्सव जी महाराज की सन्निधि में यज्ञाचार्य सोमयज्ञ सम्राट आचार्य गोस्वामी डॉ ब्रजोत्सव जी महोदय के निर्देशन में दक्षिण भारत के विद्वानों ने महा सोमयज्ञ सम्पन्न कराया । इसमें संत महात्माओं जगद्गुरू शंकराचार्य, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री , प्रदेश के मंत्री , सांसद विधायक सहित अन्य विशिष्ट जन ने सहभागिता कर यज्ञ अनुष्ठान में आहूति दी
स्मारिका विमोचन समारोह के आरंभ में महाप्रभु श्रीमद् वल्लभाचार्य जी के विग्रह पर माल्यार्पण कर मंगलाचरण एवं कीर्तन से शुभारंभ किया गया। बच्चों और श्रद्धालु महिलाओं ने महाप्रभु जी पर आधारित प्रस्तुतियां दी।
सांसद श्री गुप्ता और आयोजन समिति एवं उपस्थित गणमान्य जनों ने स्मारिका “स्मरण में महासौमयज्ञ ” का विमोचन किया।
प्रथम प्रति पूज्य वल्लभाचार्य जी को समर्पित की गई ।

समारोह में महा सोमयज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रहलाद काबरा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश गिरिराज दास सक्सेना, मदन लाल राठौर, डॉ.घनश्याम बटवाल, नागेश्वर सोनी,विजय सुराणा, विक्रम भटनागर, गौरव अग्रवाल, राजेश नामदेव, राजेंद्र चाष्टा, संजय गोठी,पुष्पेन्द्र भावसार, कपिल भंडारी,प्रद्युम्न शर्मा,दिलीप सोमानी, नवनीत पारिख,नरेन्द्र कुमार त्रिवेदी, श्री गोवर्धन नाथ मन्दिर न्यास के वरिष्ठ ट्रस्टी राधा कृष्ण पारिख, हेमन्त भाई शाह, विनय पारिख, गिरीश पारिख, अशोक पारिख विनोद पारिख नटवर पारिख, दिनेश बावड़ीवाला राजू भाई पारिख जीतू भाई पारिख महेश पारिख अरविंद जोशी महिला मंडल से श्री मती निर्मला गुप्ता, सुनीता भावसार आरती दवे, शशि झलौया सहित अनेक श्रद्धालु
उपस्थित थे।
संचालन प्रबोध पारिख एवं ब्रजेश जोशी ने किया ।

*प्रभात फेरी एवं शोभायात्रा भी निकाली गई*
महाप्रभु श्रीमद् वल्लभाचार्य जी के प्रगटय महोत्सव के उपलक्ष में श्री गोरखनाथ मंदिर से प्रातः काल प्रभात फेरी निकाली गई और सायं काल शोभा यात्रा निकाली।
शोभा यात्रा श्री गोवर्धननाथ मंदिर जीवागंज से आरंभ होकर नयापुरा रोड काला खेत नेहरू बस स्टैंड भारत माता चौराहा कालिदास मार्ग आजाद चौक सदर बाजार धान मंडी बड़ा चौक गणपती चौक होकर पुन मंदिर परिसर में संपन्न हुई। इस दौरान मार्ग पर विभिन्न संस्थाओं संगठनों और गणमान्य जनों ने शोभायात्रा का स्वागत किया ।





