नारी वंदन पर विशेष सत्र में प्रीतम लोधी की भी रहेगी गूंज…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का एक दिवसीय दशम सत्र 27 अप्रैल 2026 को आहूत होगा। इस एक दिवसीय सत्र में नारी शक्ति-वंदन, महिलाओं के सर्वांगीण विकास एवं सशक्तिकरण विषय पर चर्चा होगी। तो वहीं विपक्ष सरकार का ध्यान दूसरे सभी मुद्दों की तरफ भी आकर्षित करेगा। और इन सबमें सर्वाधिक चर्चा में चल रहे विषय प्रीतम लोधी विवाद की भी गूंज रहेगी। वैसे भाजपा विधायक प्रीतम लोधी विवादों में रहने के आदी हैं। पर वह खुशकिस्मत भी हैं कि सत्ताधारी दल से होने के नाते शायद उन्हें विशेषाधिकार प्राप्त है कि वह
कानूनी लक्ष्मण रेखा को कभी भी और कितना भी पार करें, लेकिन उन पर कभी कानूनी शिकंजा कसने जैसी बात
पर भी चर्चा नहीं होती।
विधायक प्रीतम लोधी के ताजा विवादित बयानों से आईपीएस संघ गुस्से में है। प्रीतम लोधी के बयान पर एक्शन की मांग आईपीएस एसोसिएशन ने की है। आईपीएस एसोसिएशन ने करैरा एसडीओपी आईपीएस डॉ. आयुष जाखड़ पर कथित अभद्र टिप्पणी की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कहा कि धमकी भरी भाषा लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है। मध्यप्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब भारतीय पुलिस सेवा संघ, मध्यप्रदेश ने बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। संघ ने शिवपुरी जिले के करैरा एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ के खिलाफ कथित अभद्र और धमकी भरी टिप्पणी को गंभीरता से लिया है। संगठन ने साफ कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक गरिमा के खिलाफ है। प्रेस नोट जारी कर विधायक के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है। इस घटनाक्रम ने सत्ता, प्रशासन और जवाबदेही पर नई बहस छेड़ दी है। विवाद की जड़ एक सड़क हादसे के बाद विधायक की विवादित और आपत्तिजनक प्रतिक्रिया को माना जा रहा है। आरोप है कि विधायक ने सार्वजनिक मंच से पुलिस अधिकारियों पर सवाल उठाए और तीखी भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। अब आईपीएस एसोसिएशन के औपचारिक विरोध के बाद यह सिर्फ बयानबाजी का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक मनोबल, जनप्रतिनिधियों की मर्यादा और कानून के राज से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया है। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज होंगी और विधानसभा के विशेष सत्र में भी प्रीतम लोधी खासी चर्चा में रहेंगे।
ब्राह्मणों पर भी विवादित टिप्पणी करने वाले प्रीतम लोधी इस बार अपने बेटे की गलती के बाद चर्चा में आए हैं। मामला शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र से जुड़ा है। विधायक के बेटे दिनेश लोधी ने 17 अप्रैल, 2026 को तेज गति में गाड़ी चलाते हुए तीन बाइक सवार युवाओं और स्कूल जा रही दो छात्राओं को टक्कर मार दी थी। दबंगई दिखाने के बाद दिनेश अपनी कार लेकर भाग गया था। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने धौंस दिखाते हुए खुद को विधायक का बेटा बताया था। इस जांच से नाराज एमएलए लोधी के बोल बिगड़ गए थे। आईपीएस जाखड़ ने जब थाने में दिनेश लोधी को कड़े तेवर दिखाए तो विधायक प्रीतम लोधी ने आपा खो दिया था। आईपीएस पर निशाना साधते हुए उन्होंने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए पूछा था कि करेरा क्या तुम्हारे डैडी का है? उन्होंने धमकी दी थी कि आईपीएस जाखड़ के घर में गोबर भरवा दूंगा।
मध्यप्रदेश भारतीय पुलिस सेवा संघ ने प्रेस नोट जारी कर घटना की निंदा की। संघ के अध्यक्ष एडीजी चंचल शेखर ने बयान में कहा कि अभद्र, अपमानजनक और धमकी भरी भाषा स्वीकार्य नहीं है। संघ ने यह भी रेखांकित किया कि मामला सिविल सेवा दिवस के दिन सामने आया। इसी कारण इस विवाद को और अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। संघ ने कहा कि नव नियुक्त अधिकारी और उनके परिवार के खिलाफ टिप्पणी अनुचित है और इससे अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होता है। प्रशासनिक स्तर पर तथ्यों की समीक्षा, राजनीतिक प्रतिक्रिया और संगठनात्मक कार्रवाई जैसे विकल्प सामने आ सकते हैं।
फिलहाल, यह सबको मालूम है कि सत्ताधारी दल के विधायक के खिलाफ कुछ भी कार्रवाई होना संभव नहीं लग रहा है। प्रीतम लोधी ने बार-बार यह साबित किया है कि उन्हें लोकतांत्रिक सीमा रेखा की कोई परवाह नहीं है। अब जब नारी बंधन पर विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। तो यह बात भी तय है कि विधायक का बेटा जब छात्राओं को खुलेआम टक्कर मार रहा है और विधायक खुद मामले में विवादित बोल बोल रहे हैं। तब नारी वंदन के विशेष सत्र में विधायक बेटे की दबंगई और विधायक के कथित विवादित बयानों पर चर्चा स्वाभाविक है। हालांकि यह सभी को मालूम है कि नतीजा कुछ भी नहीं निकलने वाला है…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।




