
जा पर कृपा राम की होई…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की रिक्त हो रही तीन सीटों पर चुनाव की जरूरत ही नहीं पड़ी। विधानसभा में सदस्यों की संख्या के अनुसार खाली हो रही राज्यसभा सीटों में से दो भाजपा के खाते में आ रही थी तो एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार का जीतना तय था। इसमें नियम और शर्तें लागू थीं कि यदि कांग्रेस विधायक हॉर्स ट्रेडिंग का शिकार न होते और रामराज्य की तरह निष्ठा के साथ अपने अपने दलों के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान संभव होता। हालांकि इसकी गुंजाइश कम ही नजर आ रही थी। और अगर सब कुछ रामराज्य की तरह तय होना था, तब भाजपा को दो उम्मीदवार ही मैदान में उतारने थे और एक उम्मीदवार कांग्रेस को मैदान में उतारना था। और इसके मुताबिक ही भारतीय जनता पार्टी ने 6 जून 2026 दो उम्मीदवारों तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल का नामांकन पत्र दाखिल कराया। लेकिन 8 जून 2026 को स्थितियाँ तब बदल गईं, जब कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने अपना पर्चा दाखिल किया तो भाजपा ने अपना तीसरा उम्मीदवार महेश केवट को बनाते हुए न केवल नामांकन पत्र दाखिल कराया, बल्कि यह दावा भी किया कि भाजपा के तीनों उम्मीदवार राज्यसभा के लिए चुने जाएंगे।
यहां तक भी सब कुछ ठीक था। यहां पर भय केवल हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर था। और इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को मतदान तक के लिए बेंगलुरु शिफ्ट करने की तैयारी कर ली थी। 9 जून 2026 को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर खड़े दो चार्टर्ड विमान कांग्रेस के विधायकों का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। दोपहर तक कुछ विधायक पहुंचे भी लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा विमान को उड़ने की अनुमति देने में देरी की गई। और तब तक एक नया घटनाक्रम सामने आया। भाजपा प्रत्याशी महेश केवट के वकील ने आपत्ति दर्ज कराई कि कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने एक आपराधिक मामले की जानकारी चुनाव आयोग से छिपाई है। मामला गर्म हुआ और दोनों पक्ष विधानसभा निर्वाचन कक्ष में अपने-अपने तथ्यों सहित आमने सामने हुए। पर अंततः निर्वाचन अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी निरस्त कर दी। कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु जाने वाले विमान ने रनवे पर ही अपनी यात्रा स्थगित कर दी। परिवारों के साथ विमान में बैठे विधायक वापस आ गए।
अब भाजपा के खेमे में खुशी का माहौल है और कांग्रेस पूरी तरह से आक्रोशित है। पूरे घटनाक्रम पर दो अलग-अलग थ्योरी सामने आ रही हैं। भाजपा चुटकी ले रही है कि आपराधिक मामला छिपाकर कांग्रेस नेताओं ने जानबूझकर मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी निरस्त करवाई है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तो यहां तक कह दिया कि तेलंगाना से यह जानकारी भाजपा तक पहुंचाने का काम कांग्रेस नेताओं ने ही किया है। तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूरे मामले में कांग्रेस नेताओं की भूमिका पर सवालिया निशान लगाए और यह भी कहा कि हार के डर से कांग्रेस ने यह रास्ता चुना है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इसे कांग्रेस की मतदाताओं तक सही जानकारी न पहुंचाने की साजिश बताया। तो वहीं कांग्रेस का मानना है कि मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी निरस्त कर लोकतंत्र की हत्या की गई है। कांग्रेस इसे भाजपा का सुनियोजित षड्यंत्र बता रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस की एकजुटता को देखकर भाजपा द्वारा मीनाक्षी नटराजन की सदस्यता निरस्त करवाने को लोकतंत्र के खिलाफ बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने
इसे भाजपा का महिला विरोधी चेहरा
बताते हुए कहा कि कांग्रेस इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन आयोजित कर अपना विरोध जताएगी। इस पूरे घटनाक्रम से विचलित पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तो कोई प्रतिक्रिया देने से ही इंकार कर दिया। कांग्रेस के खेमे में निराशा है और आक्रोश है कि देश में प्रजातंत्र खत्म हो गया है।
खैर, कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम के खिलाफ भारत निर्वाचन आयोग के सामने भी आपत्ति और विरोध दर्ज करा रही है तो सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी भी कर रही है। लेकिन सबको यह चिंता भी सता रही है कि उन्हें शायद ही न्याय मिल पाएगा। तो भाजपा इस बात को लेकर खुश है कि अब मध्य प्रदेश से भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध चुनकर राज्यसभा में पार्टी का संख्या बल समृद्ध करेंगे। चूंकि यह सभी को पता है कि इस मामले में न्यायलयीन प्रक्रिया लंबी भी है और न्याय में किसका पलड़ा भारी है, इसके बारे में फिलहाल कोई कुछ भी टिप्पणी नहीं कर सकता। तो फिलहाल हर्ष की बेला भाजपा के खेमे में है और कांग्रेस संताप में है।
इससे पहले जब कांग्रेस अपने विधायकों की शिफ्टिंग बेंगलुरु करने में जुटी थी तब पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा का बयान सामने आया था कि शिफ्टिंग करने से कांग्रेस को कुछ भी हासिल नहीं होगा। अब अंतरात्मा की आवाज मोदी, राष्ट्रहित और सनातन के पक्ष में शिफ्ट हो चुकी है। कांग्रेस के विधायक भी अब अंतरात्मा की आवाज पर मोदी, राष्ट्रहित और सनातन के साथ ही खड़े नजर आने वाले हैं। और कांग्रेस विधायकों की अंतरात्मा की आवाज़ पर ही भाजपा का तीसरा राज्यसभा उम्मीदवार विजय दर्ज कर राज्यसभा पहुंचने वाला है। लेकिन अब तो कांग्रेस विधायकों को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने की कवायद भी नहीं करनी पड़ी। और भाजपा, कांग्रेस और मीडिया का एक सप्ताह का संघर्ष भी
मीनाक्षी नटराजन का पर्चा निरस्त होने के संग खत्म हो चुका है।
महेश केवट निवाड़ी जिले के ओरछा से आते हैं। उन्हें मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर यही संदेश दिया था कि एक आम कार्यकर्ता पर भाजपा की नजर हमेशा है। इसके बाद महेश केवट को राज्यसभा के तीसरे उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरवाकर, भाजपा ने अपनी सोच पर मुहर लगाई थी। तो अब यह लगभग तय हो चुका है कि भाजपा के तीनों उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध चुनकर राज्यसभा सदस्य बनेंगे। ओरछा में भगवान राम विराजित हैं और महेश केवट को लेकर यही कहा जा रहा था कि राम ही केवट की नैया पार कराएंगे। तो अब यह साबित भी हो चुका है कि त्रेतायुग में भगवान राम को अपनी नाव से नदी पार केवट ने कराई थी। तो केवट-राम का यह रिश्ता अब भी जीवंत है। और केवट पर भगवान राम की कृपा बनी हुई है। इसको सच साबित करते हुए राम ने ही राज्यसभा के लिए केवट की नैया पार करा दी है। रामचरित मानस के अरण्यकाण्ड की इस चौपाई के जरिए गोस्वामी तुलसीदास ने ठीक ही लिखा है कि –
“जा पर कृपा राम की होई। ता पर कृपा करहिं सब कोई॥”
इसका सरल अर्थ और भावार्थ यह है कि जिस व्यक्ति पर भगवान श्रीराम की कृपा हो जाती है, संपूर्ण संसार (और देवता भी) उस पर अपनी कृपा बरसाने लगते हैं। तो फिलहाल कृपा मोदी और भाजपा पर बरस रही है, मध्यप्रदेश में राज्यसभा के लिए भाजपा के तीसरे उम्मीदवार बनाए गए केवट इसका प्रत्यक्ष प्रमाण बनकर सामने हैं।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





