Patwari Suicide Case Sparks Controversy : रतलाम में पटवारी आत्महत्या मामला गरमाया: विधायक कमलेश्वर डोडियार ने SIT जांच और FIR की मांग उठाई!

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Bhajan Singer Dharmendra Jha Suicide Case
Bhajan Singer Dharmendra Jha Suicide Case

Patwari Suicide Case Sparks Controversy : रतलाम में पटवारी आत्महत्या मामला गरमाया: विधायक कमलेश्वर डोडियार ने SIT जांच और FIR की मांग उठाई!

Ratlam : जिले के आलोट क्षेत्र में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी की आत्महत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस गंभीर और संवेदनशील प्रकरण में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने SP अमित कुमार को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है।

विधायक के इस कदम के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। विधायक डोडियार ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि मृतक पटवारी द्वारा आत्महत्या से पहले लिखे गए पत्र और सामने आए तथ्यों से यह संकेत मिलता है कि आलोट में पदस्थ नायब तहसीलदार सविता राठौड़ द्वारा उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

आरोप है कि उन पर अनावश्यक कार्यों का दबाव बनाया गया, रिकॉर्ड में बदलाव के लिए बाध्य किया गया और व्यक्तिगत स्तर पर भी परेशान किया गया, जिससे वे गहरे मानसिक तनाव में आ गए थे।

मृतक के परिजनों ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि रविशंकर खराड़ी को बार-बार कथित अवैध गतिविधियों और अतिरिक्त कार्यों के लिए दबाव डाला जाता था। यहां तक कि पारिवारिक आयोजनों में भी वे मानसिक रूप से व्यथित दिखाई देते थे, जो इस मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है।

विधायक ने अपने पत्र में एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि औद्योगिक क्षेत्र थाना रतलाम के प्रभारी द्वारा मामले को दबाने और साक्ष्यों में पारदर्शिता नहीं बरतने की कोशिश की जा रही है। इस पर उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल हटाने की भी मांग की है, ताकि जांच निष्पक्ष रूप से हो सके।

डोडियार ने मांग की है कि नायब तहसीलदार सविता राठौड़ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) सहित अन्य धाराओं में तुरंत मामला दर्ज किया जाए। साथ ही, मृतक द्वारा लिखे गए पत्र, कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर जांच में शामिल करने की बात कही गई है।

यह मामला अब केवल एक आत्महत्या तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक दबाव, कार्यप्रणाली और कथित भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर कर रहा है। ऐसे में पूरे जिले की नजरें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं!