किसानों से ज्यादा खरीदी, जल्दी भुगतान, मानीटरिंग के लिए CM, मंत्री, अफसर कर रहे औचक निरीक्षण

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किसानों से ज्यादा खरीदी, जल्दी भुगतान, मानीटरिंग के लिए CM, मंत्री, अफसर कर रहे औचक निरीक्षण

भोपाल: प्रदेश के अन्नदाता इस बार ज्यादा खुश नजर आ रहे है। कारण इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा खरीदी का लक्ष्य, समर्थन मूल्य बढ़ा हुआ है और साथ में बोनस भी मिल रहा है। गेहूं खरीदी के लिए स्लाट और समयसीमा बढ़ाने के साथ ही गेहूं बेचने के सात दिन के भीतर किसानों के बैंक खातों में राशि पहुंच रही है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का उड़न खटोला भी इस बार उपार्जन केन्द्रों पर पहुंच रहा है और सीएम के कभी भी कहीं भी औचक निरीक्षण से उपार्जन केन्द्र पर तैनात अमला चौकन्ना है। कैबिनेट के मंत्री भी निरीक्षण कर रहे है साथ ही संभागों के कमिश्नर, जिलों के कलेक्टर के अलावा खाद्य विभाग, भंडार गृह निगम के 27 अफसरों की टीम भी गेहूं उपार्जन केन्द्रों के निरीक्षण और जांच के लिए मैदान में है।

पिछले साल जहां राज्य सरकार ने 77 .74 लाख मीट्रिक टन गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी की थी वहीं इस बार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आग्रह पर केन्द्र सरकार ने सौ लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की अनुमति दे दी है। इस बार किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ चालीस रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस के साथ गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी हो रही है। पूरे प्रदेश में नौ और सोलह अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही है। इस बार ज्यादा समय तक गेहंू की खरीदी की जाएगी।

मध्यप्रदेश के सभी जिलों की कुल खरीदी की बात की जाए तो 10 मई तक करीब 11 लाख किसानों से 57 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।

सीएम खुद कर रहे औचक निरीक्षण-

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शाजापुर, उज्जैन और खरगौन के उपार्जन केन्द्रों पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंच चुके है। वे यहां भुगतान में तेजी लाने,गेहूं तुलाई और किसानों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का मुआयना भी करते है और किसानो से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण भी मौके पर कर रहे है। इससे बिचौलिये गायब है। गड़बड़ी करने वालों में हड़कंप है।

खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत भी रायसेन सहित कई जिलों में दौरा कर औचक निरीक्षण कर रहे है। अन्य कई मंत्री, संभागायुक्त, कलेक्टर भी मैदान में उतर कर उपार्जन केन्द्रों की व्यवस्थाओं को देख रहे है और गड़बड़ी करने वालों पर कार्यवाही हो रही है। सीएम के खुद मैदान में उतरने, उपार्जन केन्द्रों पर पहुंचने से किसानों के चेहरों पर खुशी है कि वे कभी भी अपनी दिक्कत बता सकते है। टोल फ्री नंबर भी शुरु किए गए है जहां शिकायत की जा सकती है।

विभाग के अफसरों की 27 सदस्यीय टीम भी रोज पहुंच रही उपार्जन केन्द्रों की जांच करने-

खाद्य विभाग, राज्य भंडार गृह निगम के महाप्रबंधक, अतिरिक्त प्रबंध संचालक, क्षेत्रीय प्रबंधक, उप संचालक, संयुक्त संचालक भी उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण करने पहुंच रहे है। ये दल गेहू उपार्जन, परिवहन, भंडारण परीक्षण भंडारण और भुगतान की मानीटरिंग कर रहे है। सभी को दो से तीन जिले बांटे गए है। ये जांच दल उपार्जन केन्द्रों पर व्यवस्थाओं और उनको भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड करा रहे है। गुणवत्ता का परीक्षण, एफएक्यू नार्मस में शिथिलता के अनुसाार उपार्जन, भंडारण और परिवहन की प्रविष्टि करवा रहे है। उपार्जन केन्द्र से गोदामों की मैपिंग, परिवहन भंडारण, किसान परिवहन कर्ता और समितियों को भुगतान, उपार्जन संबंधी सीएम हेल्पलाईन में दर्ज शिकायतों का निराकरण भी कर रहे है। उपार्जन में आने वाली कठिनाईयों का निराकरण भी ये अफसर कर रहे  है।