चेक गेटों से अवैध खनिज परिवहन की निगरानी में सागर अव्वल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, देवास फिसड्डी

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चेक गेटों से अवैध खनिज परिवहन की निगरानी में सागर अव्वल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, देवास फिसड्डी

भोपाल: मध्यप्रदेश में अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रदेशभर में लगाए गए 41 चेक गेटों का असर नजर आने लगा है। मात्र एक महीने में इन चेक गेटों की निगरानी से अवैध खनिज परिवहन क रहे 144 वाहनों को मौके पर पकड़ा गया और अवैध खनिज परिवहन कर रहे व्यक्तियों को नोटिस जारी कर उन पर चार करोड़ 30 लाख 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। चेक गेट से अवैध खनन माफिया पर शिकंजा कसने में सागर जिला पूरे प्रदेश में टॉप पर है। यहां चेक गेट से अवैध खनिज परिवहन के बीस मामलों में नोटिस जारी किए गए और 83 लाख 22 हजार 800 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। वहीं छिंदवाड़ा, बालाघाट और देवास चैक गेट से निगरानी में भी फिसड्डी साबित हुए है इन तीनों जिलों में एक माह में भी केवल एक-एक वाहन ही पकड़ा गया और मामूली जुर्माना इन पर लगाया गया है।

मध्यप्रदेश में खनिज विभाग ने अवैध खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए 41 चेक गेट प्रदेशभर में लगाए है। इन चेक गेटों को कैमरे और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस किया गया है। खनिज के परिवहन में लगे वाहनों में रेडियो फ्रि कवेंसी वाला आईडी टैग लगाया गया है। इनमें वाहनों के नंबर और फोटो भी विभाग के पोर्टल पर डाले गए है। जो गाड़ियां खनिज के परिवहन में लगी है उन्हें खनिज विभाग के पोर्टल से लिक किया गया है। इनकी मैपिंग भी की जा रही है। आरएफआईडी टैग लगने के बाद वाहन को खदान से लेकर गंत्व्य तक पहुंचने तक विभाग के पोर्टल पर नजर आ रहा है। वाहन कहां जा रहा है, कब निकला है और कब पहुंचेगा इसकी सख्त मानीटरिंग हो रही है। जिला कमांड सेंटर और स्टेट कमांड सेंटर के जरिए भी निगरानी की व्यवस्थ की जा रही है। गड़बड़ी करने वाले वाहनों के मैसेज तत्काल जिले की टीम के पास पहुंच रहे है और फिर टीम भौतिक रुप से पहुंचकर वाहनो को मौके पर पकड़ रही है। एक टीपी पर एक से अधिक बार परिवहन के मामले भी पकड़े जा रहे है। आरएफआईडी टैग से रियल टाईम निगरानी हो रही है। वाहनों की आवाजाही टैÑक हो रही है। इसके परिणाम सामने आए और एक ही महीने में ऐसे पूरे प्रदेशभर में ऐसे 144 अवैध खनन परिवहन कर्ताटों को मौके पर पकड़ा गया और उन पर जुर्माना लगाया गया है।

सरकारी खजाने में एक माह में ही चार करोड़ 30 लाख 51 हजार रुपए का राजस्व लाभ पहुंचाया है। सागर जिला पूरे प्रदेश में कार्यवाही करने में टॉप पर है।

ये जिले पिछड़े- बालाघाट में केवल एक मामला पकड़ाया यहां दो लाख 33 हजार 400 रुपए का जुर्माना लगाया गया। छिंदवाड़ा में केवल एक मामले में 28 हजार 250 और देवास में केवल एक मामले में 4 लाख 12 हजार 250 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जबलपुर जिले में जहां काफी मात्रा में खनन होता है वहां केवल छह प्रकरण दर्ज किए गए और 12 लाख 75 हजार 900 रुपए का जुर्माना किया गया। इंदौर जिले में भी केवल 9 मामलों में 16 लाख 9 हजार 975 रुपए और ग्वालियर जिले में नौ मामलों में 34 लाख 25 हजार 800 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

सागर-भोपाल कार्यवाही में अव्वल-सागर के बाद भोपाल जिला चेक गेटों से निगरानी करने और जुर्माना लगाने में प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। भोपाल के खनिज अधिकारी की सतर्कता से यहां 18 प्रकरण दर्ज हुए और 37 लाख 46 हजार 250 रुपए का जुर्माना वसूल किया गया। जुर्माने की राशि के हिसाब से सागर के बाद मुरैना जिला दूसरे नंबर पर है। यहां भले ही भोपाल से कम याने 11 प्रकरण दर्ज हुए लेकिन इनमें जुर्माने के रुप में 38 लाख 74 हजार 500 रुपए वसूलने के लिए नोटिस थमाया गया है। रायसेन जिले में भी बेहतर काम हुआ यहां के खनिज अधिकारी ने 9 मामले दर्ज कर 30 लाख 74 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया है।