भोपाल में गहराया पेट्रोल संकट, रोजाना 25 टैंकर कम आ रहा पेट्रोलियम ईंधन 

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भोपाल में गहराया पेट्रोल संकट, रोजाना 25 टैंकर कम आ रहा पेट्रोलियम ईंधन 

भोपाल।राजधानी में पेट्रोल और डीजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर पिछले कुछ दिनों से ईंधन की सप्लाई प्रभावित होने के कारण हालात बिगड़ने लगे हैं।

स्थिति यह है कि कई पेट्रोल पंप एक से लेकर 12 घंटे तक ड्राई रहे, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के विभिन्न इलाकों में लोग पेट्रोल भरवाने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए।

पेट्रोल पंप संचालक एसोसिएशन के पदाधिकारी अजय सिंह के अनुसार भोपाल में सामान्य दिनों में आवश्यकता के हिसाब से करीब 150 टैंकर ईंधन लेकर डिपो से शहर तक पहुंचते थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह संख्या घटकर 100 से 125 टैंकर प्रतिदिन रह गई है। सप्लाई कम होने से पेट्रोल पंपों पर स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। वहीं दूसरी ओर सीमित स्टॉक रखने की व्यवस्था के चलते संचालकों के सामने भी संकट की स्थिति बन गई है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई में लगातार देरी हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं की मांग पूरी करना मुश्किल हो गया है। कई पंपों पर डीजल और पेट्रोल दोनों की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसका असर सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहन चालकों पर भी पड़ रहा है।

आज हो रही है बैठक, लगातार निगरानी के निर्देश

इधर, जिला प्रशासन की ओर से अब तक स्थिति को लेकर कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है। हालांकि बढ़ते संकट को देखते हुए गुरुवार को पेट्रोल पंप संगठन, पेट्रोल पंप संचालकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई । बैठक में ईंधन सप्लाई सुचारू करने और ड्राई हो रहे पंपों की समस्या का समाधान निकालने पर चर्चा हुई। शहरवासियों को आशंका है कि यदि जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।

कमर्शियल ईंधन महंगा होने से बढ़ी पंपों में मांग

विभागीय सूत्रों के अनुसार पिछले पांच दिनों में दो बार ईंधन के रेट बढ़ें हैं। पेट्रोल पंप वाले एडवांस में पेमेंट जमा करते हैं, लेकिन डिपो ने पुराने आर्डर कैंसल करके नए रेट पर ईंधन दिया जा रहा है। ऐसे में एडवांस पैसों को लेकर रार चल रही है। वहीं, इंडस्ट्रीज सहित अन्य कमर्शियल उपयोग के लिए अलग तरीके का डीजल उपयोग होता है, जो आम डीजल से महंगा आता है। हाल ही में वह डीजल करीब 40 रुपए महंगा हो गया है। ऐसे में इंडस्ट्रीज सहित अन्य कमर्शियल उपयोग करने वाले लोगों द्वारा डायरेक्टर पेट्रोल पंपों से संपर्क कर उनसे डीजल लिया जा रहा है। इस कारण भी शहर में ईंधन की कमी हो रही है।