CM ने अफसरों से पूछा- ढाई साल में क्या किया, अगले ढाई साल में क्या करेंगे- विभागीय बैठकों के बाद जून में होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी

संगठन के साथ मिले फीडबैक के बाद अब अफसरों को दिखाया आईना

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CM ने अफसरों से पूछा- ढाई साल में क्या किया, अगले ढाई साल में क्या करेंगे- विभागीय बैठकों के बाद जून में होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी

भोपाल:  सत्ता और संगठन के साथ हुई मैराथन बैठकों के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरुवार से मंत्रियों, विभागीय एसीएस,पीएस और विभागाध्यक्षों के साथ मैराथन बैठकें शुरु की। संगठन के साथ हुई समीक्षात्मक बैठक में मिले फीडबैक के आधार पर मुख्यमंत्री ने अफसरों को बैठकों में आईना दिखाया। चार दिन तक चलने वाली मैराथन बैठकों की शुरुआत स्कूल शिक्षा विभाग से हुई। सुबह 11 बजे से शाम साढ़े छह बजे तक चलने वाली इन समीक्षा बैठकों में आज परिवहन, सहकारिता, जनजातीय कार्य, पशुपालन और लोक निर्माण विभाग की समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री इन बैठकों में विभागीय अफसरों से पिछले ढाई साल में उन्होंने क्या किया और अगले ढाई साल में क्या करेगे इसका लेखाजोखा ले रहे है। हर विभाग के साथ एक घंटे की इस बैठक में विभागीय अफसरों को सरकार की प्राथमिकताएं भी बताई जा रही है। इन विभागीय बैठकों के बाद जून के प्रथम सप्ताह से मंत्रालय और विभाध्यक्ष कार्यालयों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया जाएगा।

प्रदेश भाजपा संगठन और मंत्रियों के साथ हुए मंथन के बाद अब मुख्यमंत्री ने विभागवार बैठकों की शुरुआत की है। इन बैठकों में विभागों के मंत्री, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभगाध्यक्ष शामिल हुए है। मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री सचिवालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी पूरे समय बैठकों में मौजूद रहेंगे। बैठकों में पिछले ढाई साल में क्या किया और अगले ढाई साल में क्या करने वाले है इसको लेकर गहन मंथन हुआ इन बैठकों में हर विभाग के अफसर से ए प्लस के संदर्भ में बात हुई साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर विभागों ने क्या काम किया पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन को लेकर बात हुई। सीएम ने दो साल के पूंजीगत व्यय और राजस्व आय को लेकर भी अफसरों से बात की।

दिसंबर 2023 से लेकर अब तक हुए मंत्रिपरिषद के निर्णय और उनमें से कितने निर्णयों का पालन किया गया इसको लेकर भी सीएम ने चर्चा की दिसंबर 2023 से लेकर अब तक विभाग में क्या उपलब्धियां रही, क्या-क्या नवाचार विभागों ने किए इस पर भी अफसरों से बात की गई। इसी अवधि में केन्द्र सरकार से समन्वय में प्रमुख उपलब्धियां क्या रहीं इसको लेकर भी सीएम ने जानकारी ली। विभाग में मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण हेतु किए गए प्रमुख उपायों के बारे में हर अफसर से सीएम ने वन टू वन बात की। विभाग में प्रचलित योजनाओं की समीक्षा, उनमें किए जाने वाले संशोधन और एक जैसी योजनाओं के एकीकरण न नवीन योजनाओ की रुपरेखा पर भी बात हुई।

विभाग की चुनौती और भविष्य की योजनाओं पर भी मंथन-

अगले ढाई साल में विभाग क्या करने वाले है। सरकार की प्राथ्मिकता क्या है। भाजपा के संकल्प पत्र में कितने संकल्पों पर काम होंना बाकी है इसको लेकर चर्चा की गई। विभागों में कैबिनेट के समक्ष रखने के लिए कौन से विचाराधीन प्रस्ताव है और जो प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है उनको लेकर भी बात की गई। सीएम ने अफसरों से पूछा कि विभाग में काम करने में किस तरह की चुनौतियां है उनके निराकरण के लिए क्या प्रस्ताव क्या रोडमैप उनके पास है। मानव संसाधन, अंतरविभागीय समन्वय और वित्तीय संसाधन, बजट संबंधित तथा नीतिगत विषयों को लेकर बात की गई। विभाग की ओर से किए जा रहे कार्यो में गुणवत्ता लाने , सेवाओं में सुधार करने के लिए नये प्रस्ताव और उसकी कार्ययोजना भी सीएम ने ली। विभाग की ओर से दस वर्ष वृहद स्तर के मैदानी कार्यक्रम, अभियान और गतिविधियों को लेकर क्या प्रस्ताव है इस पर भी चर्चा की गई। चालू वर्ष में विभाग द्वारा निर्धारित भौतिक और वित्तीय लक्ष्यों पर भी चर्चा की गई।

*बैठकों के बाद बड़ी प्रशासनिक सर्जरी-* 

सीएम अब हर दिन लगातार छह से सात विभागों के अफसरों और मंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे। इसके बाद जो फीडबैक मिलेगा। अफसरों के परफारमेंस के आधार पर विभागों में फेरबदल किया जाएगा। जून के पहले सप्ताह में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया जाएगा। इसमें एसीएस, पीएस, सचिव से लेकर एचओडी तक की जिम्मेदारी बदली जाएगी। सीएम ने अफसरों से कहा है कि उन्हें कोई जल्दी नहीं है सभी विभागों के साथ एक-एक घंटे विस्तार से चर्चा की जाएगी।