Diesel Crisis Deepens : किसान हलाकान, पेट्रोल पंप पर सिर्फ 1000 का मिल रहा डीजल, आने-जाने में ही हो रहा आधा खत्म!

पंप पर बाइक की लंबी कतारें, डीजल-पेट्रोल की किल्लत से खेती ठप; पंप संचालक बोले- आपूर्ति कम, प्रशासन के निर्देश पर सीमित विक्रय!

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Diesel Crisis Deepens : किसान हलाकान, पेट्रोल पंप पर सिर्फ 1000 का मिल रहा डीजल, आने-जाने में ही हो रहा आधा खत्म!

झाबुआ से राजेश सोनी की रिपोर्ट 

झाबुआ : जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल-पेट्रोल की भारी किल्लत से हाहाकार मचा है। खेतो में हंकाई-जुताई चल रही है, बुवाई का सीजन सिर पर है, लेकिन किसानों को ट्रैक्टर- इंजन के लिए डीजल नहीं मिल रहा। पेट्रोल पंपों पर एक वाहन को सिर्फ 1000 रुपए का डीजल दिया जा रहा है। आलम ये है कि 10-20 किमी दूर से पंप तक आने-जाने में ही किसानों के टैक्ट्रर का आधा डीजल खत्म हो जा रहा है। मजबूर किसान और आम लोग लाइन में लगने को मजबूर हैं

किसानों का दर्द!

बामनिया क्षेत्र के ग्राम नारेला, सेमलिया, नाहरपुरा, रूखमणीपाडा, पश्चिम छायन, गेहण्डी, रामपुरिया, अमरगढ, असालिया, चापानेर, रामगढ आदि कई ग्रामों के किसान इस समय खेती के कार्य के लिए डीजल को लेकर हेरान-परेशान हो रहें है।

सेमलिया निवासी सुनिल डामर ने बताया कि खेतों में अभी हकाई जुताई चल रही है पर डीजल नहीं मिल रहा। पंप पर 1000 का डीजल देते हैं। उसमें से 400-500 का तो आने-जाने में ही जल जाता है। बचा 500 का डीजल से खेत में ट्रैक्टर 1 घंटा भी नहीं चलता। समय पर खेत तैयार नहीं हुए तो बोवनी कैसे करेगें। फसल चौपट होने का खतरा मंडराने लगा है।ग्राम रामपुरिया के किसान सोमजी भूरिया ने बताया कि अभी खेती के काम के लिए टैक्ट्रर और इंजिन के लिए डीजल नहीं मिल पा रहा है प्रशासन को किसानों के हित में आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवाई जाना चाहिए।

पंपों पर लग रही लंबी कतारें!  

पेट्रोल के लिए भी सुबह से ही बाइक की लंबी कतारें लग रही हैं। क्षेत्र के पंपों पर लंबी लाइन दिख रही है। बाईक सवार 200-500 रुपये का पेट्रोल ले पा रहे हैं। कई पंपों पर पेट्रोल डीजल खत्म हो जाता है जिससे जो पम्प चालू है उस पर अधिक भार पड रहा है ।

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पंप संचालक बोले- हम भी मजबूर!

जिले के बामनिया के पंप मालिक दिनेश मांडोत ने बताया कंपनी से ही आपूर्ति कम आ रही है। टैंकर पूर्व की तरह नियमित नहीं आ पा रहा है, जबकि मांग रोज की है। पेट्रोल डीजल का विक्रय, स्टॉक एवं प्रशासन के निर्देशानुसार किया जा रहा हैं।

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प्रशासन के निर्देश पर राशनिंग!  

सूत्रों के मुताबिक जिला प्रशासन ने कालाबाजारी रोकने और सभी को ईधन मिल सके, इसके लिए सीमित मात्रा में डीजल-पेट्रोल देने के निर्देश दिए हैं। लेकिन इसका खामियाजा दूर-दराज के ग्रामीण भुगत रहें हैं। उन्हें 1000 के डीजल के लिए 10 से 20 किमी आना-जाना पड़ रहा है।

 

खेती पर संकट!  

जिले में किसानों को डीजल नहीं मिलने से ट्रैक्टर खड़े हैं। समय पर बुवाई नहीं हुई तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।

क्या कहते हैं अधिकारी!

प्रभारी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी संजय पाटिल ने बताया कि किसानों को कृपि कार्य के लिए डीजल की कमी नहीं होगी। सभी को ईधन मिल सके ऐसे प्रयास किए जा रहें है। जिला प्रशासन ने काला बाजारी रोकने के लिए वाहन के अलावा केन आदि में विक्रय पर रोक लगाई है। एक क्षेत्र में किसी पम्प पर अधिक भीड एवं सीमित सप्लॉय का कारण अन्य पम्प पर स्टॉक का खत्म होना होता हैं!