
तेजाब कांड के पीड़ित बच्चों को मिलेगा मुआवजा, पुलिस करेगी घटनास्थल का रीक्रिएशन
बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में हाल ही में हुए एसिड अटैक काण्ड में घायल चार वर्षीय बालिका और छह वर्षीय बालक को मुआवजा एवं पुनर्वास सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं मामले की जांच को मजबूत बनाने के लिए पुलिस घटनास्थल का रीक्रिएशन भी करेगी।
निमाड़ रेंज के डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि दोनों बच्चों को नियमानुसार मुआवजा और समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ला ने बताया कि राजपुर थाना द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार दोनों बच्चों को एसिड अटैक सर्वाइवर के रूप में चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिल सकती है। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रत्येक बच्चे को चार हजार रुपये प्रतिमाह सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है।
अधिकारियों के अनुसार बच्चों की मां की मृत्यु हो चुकी है, जबकि आरोपी पिता विजय चौहान न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है। दोनों बच्चों की देखभाल उनकी दादी कर रही हैं। सहायता राशि के भुगतान के लिए बच्चों के बैंक खाते खुलवाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले को “मार्क्ड केस” घोषित किया गया है तथा इसकी निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। जांच के तहत आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर उसके खेत स्थित घटनास्थल पर ले जाया जाएगा, जहां घटना का रीक्रिएशन कर साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने एक कृषि बीज दुकान से ड्रिप सिंचाई पाइप साफ करने का बहाना बनाकर तेजाब खरीदा था। आरोप है कि 29 और 30 मई की दरम्यानी रात उसने अपनी 28 वर्षीय पत्नी पर किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने के संदेह में हमला किया, उसे जबरन तेजाब पिलाया तथा उसके ऊपर तेजाब फेंका, जिससे उसकी मौत हो गई। हमले की चपेट में आकर पास में सो रहे दोनों बच्चे भी झुलस गए थे।
बड़वानी जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विमलेश चोयल ने बताया कि छह वर्षीय बालक की आंखों में प्रारंभिक रूप से गंभीर रासायनिक चोट के संकेत मिले थे और कॉर्निया को आंशिक नुकसान पहुंचा था। वहीं चार वर्षीय बालिका की दृष्टि सुरक्षित पाई गई। दोनों बच्चों को विशेषज्ञ उपचार के लिए इंदौर के एम.वाय. अस्पताल भेजा गया था।
दोनों बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है । उनसे मिलने साल खेड़ा गए राजपुर के थाना प्रभारी माधव सिंह ठाकुर ने बताया कि बच्चों की आंखों की स्थिति को लेकर शुरू में गंभीर आशंकाएं थीं, लेकिन अब दोनों सामान्य रूप से खेल रहे हैं और उनकी हालत में सुधार है।





