
नागरिक सुविधाओं की बदहाली पर तुलसी नगर वासियों का फूटा गुस्सा, महापौर को सौंपेंगे ज्ञापन
इंदौर। स्वच्छ पानी, पक्की सड़कों, ड्रेनेज लाइन तथा पार्किंग व्यवस्था के बिना हो रहे हॉस्टलों, होटलों एवं बहुमंजिला भवनों के अनियंत्रित निर्माण को लेकर इंदौर नगर निगम के प्रति बढ़ती नाराजगी के बीच तुलसी नगर के रहवासियों ने रविवार को सरस्वती मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण एवं आपात बैठक आयोजित की। बैठक में श्री तुलसी सरस्वती सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष राजेश तोमर, सचिव शिव बहादुर सिंह, संयोजक के.के. झा, शंभूनाथ सिंह, संजय यादव, विवेक शर्मा, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, राकेश जायसवाल तथा अमोल पाटिल सहित बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित थे।
बैठक में रहवासियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम परिषद के गठन को चार वर्ष बीत जाने के बावजूद तुलसी नगर जैसी बड़ी आवासीय कॉलोनी आज भी मूलभूत नागरिक सुविधाओं से वंचित है। क्षेत्र में सड़कों, ड्रेनेज व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव है, जबकि नगर निगम लगातार उदासीन बना हुआ है।

बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा कॉलोनी में गहराते जल संकट का रहा। रहवासियों ने बताया कि विभिन्न सेक्टरों में कई बोरवेल सूख चुके हैं, जबकि अनेक क्षेत्रों में नर्मदा का दूषित पानी पहुंच रहा है। बार-बार शिकायतों के बावजूद नगर निगम द्वारा जल प्रदूषण रोकने अथवा स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलोनी में बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के हॉस्टलों, होटलों और बहुमंजिला भवनों का निर्माण लगातार जारी है, जिससे यातायात और नागरिक सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
बैठक में कॉलोनी के शेष भूखंडों के नियमितीकरण के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने निर्णय लिया कि नगर निगम चुनावों से पूर्व इस दिशा में ठोस समाधान सुनिश्चित कराने के लिए व्यापक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व में 542 भूखंडों का वैधीकरण हो चुका है तथा अनेक रहवासी विकास शुल्क नगर निगम की कॉलोनी सेल में जमा करा चुके हैं, जबकि शेष लोग भी राशि जमा कराने के लिए तैयार हैं। रहवासियों ने कहा कि तुलसी नगर के वैध भूखंडों के मालिकों द्वारा विकास शुल्क के नाम पर लगभग 3 करोड़ रुपए नगर निगम को जमा किए जा चुके हैं पर इस फंड का उपयोग नगर निगम द्वारा तुलसी नगर में विकास के लिए अबतक नहीं किया गया।
बैठक में तुलसी नगर पुलिया से भवन्स स्कूल तक प्रस्तावित मुख्य मार्ग निर्माण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। रहवासियों ने बताया कि विधायक निधि से सड़क निर्माण स्वीकृत होने और टेंडर जारी होने के बावजूद अब तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। इसे लेकर महापौर और स्थानीय विधायक का ध्यान आकर्षित कर शीघ्र कार्य शुरू कराने की मांग की जाएगी।
कॉलोनी की आंतरिक सड़कों की जर्जर स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की गई। रहवासियों ने बताया कि जनभागीदारी से सड़क निर्माण का प्रस्ताव पूर्व में नगर निगम को दिया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बैठक में मांग की गई कि इन सड़कों का निर्माण तत्काल शुरू कराया जाए।

बैठक में अमोल पाटिल के निवास के सामने स्वीकृत गौ उद्यान के निर्माण कार्य को भी शीघ्र शुरू करने की मांग उठाई गई।
रहवासियों ने कॉलोनी की जर्जर ड्रेनेज व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त ड्रेनेज लाइनों के कारण बार-बार दूषित जल की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकारी निधि से नई ड्रेनेज लाइन बिछाने की मांग की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि तुलसी नगर के रहवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार, 9 जून को अपराह्न 4 बजे महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात करेगा तथा कॉलोनी की विभिन्न समस्याओं से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा। प्रतिनिधिमंडल महापौर से सभी समस्याओं के समयबद्ध निराकरण की मांग करेगा। रहवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने नागरिक अधिकारों की रक्षा एवं मूलभूत सुविधाओं की प्राप्ति के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।





