साधारण किसान परिवार के बेटे ने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से हासिल की उच्च शिक्षा, आज है अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ

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साधारण किसान परिवार के बेटे ने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से हासिल की उच्च शिक्षा, आज है अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ

मध्यप्रदेश शासन की छात्रवृत्ति योजना ने नीरज के सपनों को दी वैश्विक उड़ान

भोपाल: संकल्प मजबूत हो और अवसर का सही साथ मिल जाए, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोक पाते। भोपाल के आशिमा मॉल क्षेत्र निवासी श्री नीरज चौहान की कहानी इसी विश्वास को साकार करती है। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे नीरज ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को जीवित रखा और आज वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा विशेषज्ञों में शामिल हैं।

नीरज के पिता खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। सीमित आय के बावजूद उन्होंने अपने पुत्र की शिक्षा में कभी कोई कमी नहीं आने दी। बचपन से ही नीरज की रुचि उच्च शिक्षा और शोध कार्यों में थी। वे विदेश में पढ़ाई कर अपने ज्ञान और अनुभव से समाज में योगदान देना चाहते थे, लेकिन आर्थिक चुनौतियाँ उनके सपनों के मार्ग में बड़ी बाधा थीं।

बीएसएस कॉलेज से बी.कॉम. की पढ़ाई उत्कृष्ट अंकों से पूर्ण करने के बाद नीरज को ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग में एलएलएम (ग्लोबल एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट चेंज लॉ) पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त हुआ। यह उनके जीवन का महत्वपूर्ण अवसर था, लेकिन विदेश में शिक्षा और रहने का खर्च उठाना परिवार के लिए संभव नहीं था।

इसी दौरान उन्हें मध्यप्रदेश शासन की पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना की जानकारी मिली। जिला पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री योगेन्द्र राज ने उन्हें योजना संबंधी मार्गदर्शन दिया तथा आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में सहयोग किया।

योजना के अंतर्गत नीरज को ट्यूशन फीस, आवासीय व्यय और अन्य शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराई गई। शासन की इस सहायता ने उनके लिए वह रास्ता खोल दिया, जो आर्थिक अभाव के कारण लगभग बंद हो चुका था। नीरज ने न केवल अपनी पढ़ाई सफलतापूर्वक पूर्ण की, बल्कि अध्ययन अवधि के दौरान अनेक शोध परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी कर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का परिचय भी दिया।

शिक्षा पूर्ण कर के बाद नीरज ने एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय संस्था में अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की। आज वे अपने क्षेत्र के विशेषज्ञों में गिने जाते हैं और समय-समय पर मध्यप्रदेश के युवाओं एवं विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा तथा करियर निर्माण के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं।

नीरज कहते हैं, “यदि मध्यप्रदेश शासन की विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना का सहयोग नहीं मिला होता, तो विदेश में अध्ययन करने का मेरा सपना शायद कभी पूरा नहीं हो पाता। यह योजना उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए आशा की किरण है, जो आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।”

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन की पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2007 से संचालित है। योजना का उद्देश्य पिछड़ा वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को विदेशों में स्नातकोत्तर एवं शोध स्तर की उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।

नीरज चौहान की सफलता इस बात का प्रमाण है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएँ केवल आर्थिक सहायता ही नहीं देतीं, बल्कि सपनों को नई दिशा और भविष्य को नई पहचान भी प्रदान करती हैं।