फर्जी AI वीडियो के झांसे में आया रिटायर्ड कर्मचारी, 27 लाख रुपये की साइबर ठगी  

यूट्यूब पर डीपफेक वीडियो देखकर किया निवेश, भारी मुनाफे के लालच में गंवाई जीवनभर की बचत

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Cyber Fraud

फर्जी AI वीडियो के झांसे में आया रिटायर्ड कर्मचारी, 27 लाख रुपये की साइबर ठगी

 

खरगोन : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर साइबर ठगों ने खरगोन जिले के बड़वाह में एक रिटायर्ड विद्युत विभाग कर्मचारी को 27 लाख रुपये से अधिक की चपत लगा दी। ठगों ने चर्चित हस्तियों के फर्जी वीडियो बनाकर निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया।

बड़वाह के थाना प्रभारी बीआर राठौर के मुताबिक, नर्मदा रोड स्थित श्रीनगर कॉलोनी निवासी अवध बिहारी शर्मा ने यूट्यूब पर निवेश और म्यूचुअल फंड से जुड़े वीडियो देखे। इन वीडियो में AI तकनीक से तैयार किए गए देश की बड़ी हस्तियों के डीपफेक वीडियो दिखाए गए थे, जिनमें कम समय में बड़ा मुनाफा और निवेश की सुरक्षा का दावा किया गया था।

वीडियो पर भरोसा कर शर्मा ने विज्ञापन में दिए गए नंबरों पर संपर्क किया। इसके बाद ठगों ने उन्हें वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष निवेश योजना का झांसा दिया। करीब एक महीने के दौरान उन्होंने अपने दो बैंक खातों से अलग-अलग खातों में कुल 27.16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

राशि जमा होने के बाद भी ठग नहीं रुके। उन्होंने शर्मा को बताया कि उनके निवेश खाते में निर्धारित सीमा से 25 लाख रुपये अधिक दिखाई दे रहे हैं और यदि रकम का स्रोत नहीं बताया गया तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस डर से शर्मा अतिरिक्त धन जुटाने लगे। जब उन्होंने एक परिचित से आर्थिक मदद मांगी तो पूरी जानकारी सामने आई और पता चला कि वे डीपफेक वीडियो के जरिए साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

इसके बाद पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सोशल मीडिया और यूट्यूब पर मशहूर नेताओं, अभिनेताओं या उद्योगपतियों के फर्जी AI वीडियो प्रसारित किए जाते हैं।

कम समय में भारी और गारंटीड मुनाफे का लालच दिया जाता है। रजिस्ट्रेशन के बाद ठग लगातार फोन कर निवेश के लिए दबाव बनाते हैं। नकली ऑनलाइन डैशबोर्ड पर फर्जी मुनाफा दिखाकर और पैसा निवेश करवाया जाता है।

रकम निकालने पर टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या वेरिफिकेशन शुल्क के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगे जाते हैं।

अंत में ठग संपर्क खत्म कर देते हैं और पीड़ित अपनी पूरी रकम गंवा बैठता है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना पर केवल सोशल मीडिया वीडियो देखकर भरोसा न करें। किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और संबंधित संस्था की आधिकारिक जानकारी की जांच अवश्य करें। डीपफेक वीडियो और AI आधारित निवेश योजनाओं के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहना जरूरी है।