
मुंबई BEST बस हड़ताल से हाहाकार, वार्ता विफल होने से लाखों यात्रियों की परेशानी बढ़ी
मुंबई से कीर्ति कापसे की रिपोर्ट
मुंबई: मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) बस सेवा पर संकट गहराता जा रहा है। कर्मचारियों और प्रशासन के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रहने के बाद हड़ताल जारी है, जिससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल के कारण शहर की अधिकांश बसें डिपो में ही खड़ी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, BEST के 2,766 बसों के बेड़े में से केवल कुछ ही बसें सड़कों पर उतर पाई हैं। इससे रोजाना बस सेवा पर निर्भर लगभग 23 लाख यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
सरकार और BEST प्रशासन ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है। वहीं, महाराष्ट्र आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (MESMA) के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और हड़ताल समाप्त करने के संकेत फिलहाल नहीं दिखाई दे रहे हैं।
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में बेहतर वेतन, रिक्त पदों पर भर्ती, ठेका कर्मचारियों को नियमित करना, BEST के स्वामित्व वाली बसों की संख्या बढ़ाना तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान जैसे मुद्दे शामिल हैं।
हड़ताल के चलते मुंबई के विभिन्न इलाकों में यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। लोकल ट्रेन और मेट्रो सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है, जबकि टैक्सी और ऑटो रिक्शा की मांग भी बढ़ गई है।
फिलहाल हड़ताल समाप्त होने को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं। प्रशासन और यूनियनों के बीच अगली वार्ता पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका सीधा असर मुंबई के लाखों यात्रियों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।





