
मानसून की देरी से मुंबई पर गहराया जल संकट, झीलों में बचा केवल 9% पानी; क्या राहत दिलाएगा देर से आने वाला मानसून?
मुंबई से कीर्ति कापसे की रिपोर्ट
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इस समय गंभीर जल संकट का सामना कर रही है। शहर को पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों में जल भंडार घटकर लगभग 9 से 10 प्रतिशत के बीच रह गया है। विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा जल भंडार से शहर की जरूरतें केवल करीब 40 दिनों तक ही पूरी की जा सकती हैं।
मानसून की देरी ने स्थिति को और चिंताजनक बना दिया है। सामान्यतः जून के पहले सप्ताह में मुंबई पहुंचने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस वर्ष काफी देर से सक्रिय हुआ है, जिसके कारण जलाशयों में अपेक्षित जल संचय नहीं हो पाया।
स्थिति को देखते हुए Brihanmumbai Municipal Corporation (बीएमसी) ने कई सख्त कदम उठाए हैं। निर्माण स्थलों और स्विमिंग पूलों को पानी की आपूर्ति रोक दी गई है, जबकि औद्योगिक और व्यावसायिक संस्थानों के लिए जल आपूर्ति में 20 प्रतिशत तक कटौती की गई है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है। यदि मानसून जल्द सक्रिय होकर अच्छी वर्षा देता है, तो झीलों के जलस्तर में सुधार हो सकता है और शहर को संभावित जल संकट से राहत मिल सकती है।
फिलहाल प्रशासन ने नागरिकों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और अनावश्यक जल बर्बादी से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी कुछ सप्ताह मुंबई की जल सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।





