
Singrauli : सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति पत्रकारों और आम लोगों की एंट्री पर रोक, DEO का आदेश जारी
सिंगरौली: सिंगरौली जिले के शिक्षा विभाग से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने एक विवादित आदेश जारी करते हुए शासकीय स्कूलों में पत्रकारों, यूट्यूब क्रिएटर्स और आम नागरिकों के बिना अनुमति प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इस आदेश के बाद से ही जिले के प्रशासनिक और पत्रकारिता जगत में बहस छिड़ गई है।
आदेश में क्या है?
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पत्र के अनुसार, अब कोई भी बाहरी व्यक्ति, पत्रकार या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बिना जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग की पूर्व लिखित अनुमति के स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। सभी शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों और संकुल प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस नियम का कड़ाई से पालन करवाएं।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया कि विभिन्न शासकीय स्कूलों में प्रिंसिपल ने इस संबंध में जानकारी दी थी कि बिना किसी सक्षम अनुमति के पत्रकारों और सामान्य लोगों द्वारा स्कूलों में पहुंचकर अनावश्यक निरीक्षण किया जा रहा है। साथ ही शासकीय कार्यों में भी व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है, जिसे आदेश में शासकीय नियमों के विपरीत बताया गया है।
आदेश पर उठ रहे हैं सवाल (विपक्ष और मीडिया का रुख)
इस आदेश के जारी होते ही स्थानीय पत्रकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विरोध करने वालों का कहना है कि:
यह आदेश लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) की स्वतंत्रता का हनन है।सरकारी स्कूलों की बदहाली, मिड-डे मील की खराब गुणवत्ता, शिक्षकों की अनुपस्थिति और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी जमीनी हकीकतों को छुपाने के लिए यह “सेंसरशिप” लगाई गई है।यदि मीडिया और आम लोगों का प्रवेश रुक जाएगा, तो स्कूलों में चल रही अनियमितताओं को उजागर करना नामुमकिन हो जाएगा।
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