
नगर निगम भोपाल में प्रशासनिक फेरबदल, लापरवाह अधिकारियों पर आयुक्त संस्कृति जैन की कार्रवाई
भोपाल। नगर निगम भोपाल में लंबे समय से एक ही शाखा में जमे अधिकारियों और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों और कामकाज में लापरवाही सामने आने के बाद कई अधिकारियों का प्रभार बदला गया है, जबकि कुछ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम प्रशासन को शिकायत मिल रही थी कि कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बजाय व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रहे थे। वहीं, आम नागरिकों और वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति भी उनका रवैया संतोषजनक नहीं था। इसे गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने जवाब-तलब की कार्रवाई शुरू की है।
*25 साल से एक ही शाखा में जमें अंदलीव वारसी को हटाया*
नगर निगम के इतिहास में करीब 25 वर्षों से कंप्यूटर एवं रिकॉर्ड शाखा में पदस्थ अंदलीव वासरी को उनके वर्तमान प्रभार से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से इसी शाखा में कार्यरत थीं। शिकायत थी कि वे न तो अधिकारियों के फोन उठाते थे और न ही लोगों से मुलाकात करते थे। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से उनकी अस्वस्थता भी सामने आई है। ऐसे में उनका प्रभार दूसरे अधिकारी को सौंप दिया गया है।
*फायर प्रभारी होने के बाद भी फोन से दूरी*
इधर, नगर निगम के फायर ब्रिगेड प्रभारी सौरभ पटेल को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार, शहर की आपातकालीन सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद वे वरिष्ठ अधिकारियों के फोन तक नहीं उठाते थे। इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए निगम आयुक्त ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
वहीं, बिल्डिंग परमिशन शाखा में पदस्थ सहायक यंत्री प्रदीप जड़िया को भी नोटिस जारी किया गया है। आरोप है कि उन्होंने बड़े तालाब के एफटीएल क्षेत्र में आने वाले कुछ फार्म हाउस और रेस्टोरेंट को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एफटीएल दायरे से बाहर दर्शाने की कार्रवाई की। इनमें एक भाजपा नेता के परिवार से जुड़े फार्म हाउस का भी नाम सामने आ रहा है। मामले को गंभीर मानते हुए निगम आयुक्त ने उनसे जवाब मांगा है।





