
Collector’s Humanity : जब कलेक्टर ने डॉक्टर की कुर्सी संभाल मरीजों का किया उपचार, PHC में डॉक्टर गैरहाजिर, कलेक्टर डॉ. भरसट ने संभाला मोर्चा!
राजेश सोनी की रिपोर्ट!
झाबुआ : जब डॉक्टर पोस्टमार्टम ड्यूटी पर जिला अस्पताल चले गए और PHC में मरीज-गर्भवती महिलाएं लाइन में खड़ी थीं, तब कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने मिसाल पेश की। शुक्रवार को पिटोल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में उन्होंने सिर्फ जांच नहीं की, खुद स्टेथोस्कोप उठाकर ओपीडी में बैठ गए।

डॉक्टर की कमी, कलेक्टर ने पूरी की!
निरीक्षण के समय पता चला कि PHC में पदस्थ डॉक्टर की ड्यूटी जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए लगी है। ओपीडी में मरीज इंतजार कर रहें थे। कलेक्टर ने बिना समय गंवाए मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण शुरू कर दिया। खासकर गर्भवती महिलाओं की बारी-बारी से जांच की। उनसे गर्भावस्था की अवधि, नियमित जांच, खान-पान और टीकाकरण को लेकर बात की। डॉक्टर की तरह समझाइश दी कि ANC जांच समय पर कराना मां और बच्चे दोनों के लिए जरूरी है।

ऑनलाइन एंट्री में लापरवाही नहीं!
कलेक्टर ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान के लिए ANC की ऑनलाइन एंट्री भी खुद चेक की। स्वास्थ्य कर्मियों से प्रक्रिया समझी और मौके पर ही महिलाओं का डेटा अपडेट करवाया। सख्त निर्देश दिए – हर गर्भवती की समय पर जांच, ऑनलाइन पंजीयन और फॉलोअप तय है। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
दवा-भवन सब देखा!
PHC में दवाओं का स्टॉक, जांच सुविधा और मरीजों को मिल रही सेवा भी परखी। कहा कि मरीज को बिना परेशानी तुरंत इलाज मिले, यही अस्पताल का धर्म है। इसके बाद पिटोल में बन रहे नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि काम जल्दी पूरा कर CHC शुरू करें, ताकि पिटोल और आसपास के गांव वालों को इलाज के लिए झाबुआ न दौड़ना पड़े!





