आ-योग मय हुआ प्रदेश…

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आ-योग मय हुआ प्रदेश…

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मध्यप्रदेश में खास सौगात लेकर आया। अब मध्यप्रदेश में योग के प्रति जन-जागरूकता के लिए आयोग का गठन कर सरकार ने इस दिन का तोहफा प्रदेशवासियों को दे दिया है। इसका उद्देश्य यही है कि योग को जीवन का हिस्सा बनाकर सभी नागरिक रोगमुक्त रहकर आनंद का जीवन जी सकें।
योग मतलब सकारात्मकता का भाव मन में भरने की प्रक्रिया, योग मतलब सांसों के जरिए शरीर को चैतन्य और ऊर्जा से सराबोर करने का जरिया और योग मतलब भोग के जीवन में भी बीमारियों से दूर रहने का सर्वश्रेष्ठ उपाय। योग यानि भारत का पूरी दुनिया को अमूल्य उपहार, जिसकी महत्ता 21वीं सदी तक आते-आते बहुत ज्यादा बढ़ गई है। जहां इस जहां में तनाव का जहर फैलता जा रहा है, ऐसे में योग-ध्यान के जरिए तनाव मुक्ति के उपाय का कोई विकल्प नहीं है।
आ-योग मय हुआ प्रदेश...
मध्यप्रदेश में जहां मुख्यमंत्री निवास में शिवराज सिंह चौहान ने स्कूली छात्रों के साथ योग कर नई पीढ़ी को खास तौर से संदेश दिया कि योग से जुड़कर जीवन में सकारात्मकता के भाव में बने रहकर बेहतर उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। तो शाम होते-होते सरकार ने योग आ-योग के गठन का फरमान जारी कर दिया। यह योग के प्रति जागरूकता, प्रचार-प्रसार और योग शिक्षा को बढ़ावा देकर प्रदेश के हर नागरिक को स्वस्थ जीवन शैली और निरोगी जीवन जीने की दिशा में लेकर जाएगा। पतंजलि के योग को मध्यप्रदेश में फैलाने की जिम्मेदारी पतंजलि संस्कृत संस्थान को सौंपी गई है।
आ-योग मय हुआ प्रदेश...
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा
तो योग का श्रेष्ठ नजारा खजुराहो में दिखा। खजुराहो के चंदेलकालीन मंदिर पहले से ही यह संदेश दे रहे हैं कि पहले भोग पर विजय प्राप्त करो, फिर मंदिर में प्रवेश कर धर्म-अध्यात्म के सागर में डुबकी लगाओ। इन्हीं मंदिर की दीवारों की जीवंत मौजूदगी में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने सैकड़ों युवाओं के साथ चंदेलों की नगरी खजुराहो को योगमय कर दिया। यहां से मंदिर की वही दीवारें जिनकी भित्ति पर सांसारिक जीवन को भोगने के चित्र उकेरे गए हैं और यही संदेश है कि पहले मन भरकर भोगो, फिर संतुष्टि के साथ भगवान का स्मरण करो।
वही दीवारें साक्षी बनकर मानो चिल्ला रही हों कि भोग के साथ योग भी जरूरी हैं। वीडी शर्मा ने कहा कि योग को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित कराने वाले हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताता हूं कि उन्होंने खजुराहो को देश के उन 75 शहरों में शामिल किया, जहां विश्व योग दिवस के भव्य कार्यक्रम आयोजित किये जाने थे। प्रधानमंत्री के इस निर्णय से जहां स्थानीय लोगों, युवाओं, छात्र-छात्राओं में योग के प्रति रुचि जागृत होगी, वहीं वर्ल्ड हैरिटेज साइट खजुराहो में पर्यटन को और ज्यादा बढ़ावा मिलेगा।
खजुराहो के पश्चिमी मंदिर समूह में स्थित कंदारिया महादेव मंदिर के सामने आयोजित कार्यक्रम में लगभग 2000 स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं और नागरिकों ने ड्रेस कोड के साथ योग अभ्यास किया। योग निरोग रहने का साधन तो है ही, यह भारतीय संस्कृति का प्रतीक भी है। खजुराहो में अंतरराष्ट्रीय योग केंद्र शुरू करने के लिए आयुष मंत्रालय से बातचीत चल रही है।
तो मध्यप्रदेश 21 जून को पूरी तरह से आ-योगमय हो गया। सभी प्रदेशवासी दिन की शुरुआत योग से करें और रोगों से मुक्त रहकर जीवन को सार्थक बनाएं, फिलहाल तो यही अपेक्षा की जा सकती है। आयोग की सार्थकता का पता तो बाद में ही चलेगा।

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